Description
एम.एच.आई.-106 :
भारत में विभिन्न युगों के दौरान सामाजिक संरचना का विकास
पाठ्यक्रम कोड : एम.एच.आई.-106
सत्रीय कार्य कोड : एम.एच.आई.-106/ए.एस.टी./टी.एम.ए./2026-2027
पूर्णांक : 100
नोट : किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। सत्रीय कार्य दो भागों क एवं ख में विभाजित है। आपको प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में लिखने हैं। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।
भाग-क
1. प्राचीन भारत का इतिहास लिखने में निर्वचन (interpretation) की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
2. नवपाषाणीय काल में समाज की प्रकृति पर टिप्पणी कीजिए।
3. वैदिक काल में समाज की प्रकृति के बारे में अनुष्ठान क्या उजागर करते हैं? विस्तार से बताएं।
4. बौद्ध व जैन धर्म के उदय को चिन्हित तथा निरूपित करने वाले धार्मिक एवं बौद्धिक विरोधाभास पर चर्चा कीजिए।
5. चर्चा कीजिए कि प्रारंभिक मध्यकालीन समाज का क्या अर्थ है?
भाग–ख
6. प्रायद्वीपीय भारत में ग्रामीण समाज की प्रकृति पर टिप्पणी कीजिए।
7. बी. डी. चट्टोपाध्याय और एन. जीनलर के शोध के संदर्भ में राजपूतों की उत्पत्ति एवं उदय पर चर्चा कीजिए।
8. स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की क्या भूमिका थी? चर्चा कीजिए।
9. उपनिवेशवाद के अंतर्गत सामाजिक भेदभाव की प्रकृति क्या थी? चर्चा कीजिए।
10. औपनिवेशिक शासन के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी भारत की सामाजिक संरचनाओं की प्रकृति पर टिप्पणी कीजिए।



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