Description
समाज कार्य में प्रयोग और पर्यवेक्षण
सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड : एम.एस.डब्ल्यू.—005
कुल अंक—100
नोट :
i) सभी पाँचों प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
ii) सभी पाँचों प्रश्नों के अंक समान हैं।
iii) प्रश्न सं. 1 और 2 के उत्तर, प्रत्येक के 600 शब्दों से अधिक नहीं होने चाहिए।
1) समाज कार्य प्रयोग (practicum) को परिभाषित कीजिए। व्यावसायिक समाज कार्य शिक्षा में इसके उद्देश्यों, महत्व और प्रासंगिकता पर चर्चा करें।
अथवा
भारत में समाज कार्य प्रयोग के विकास की आलोचनात्मक जाँच करें और मुक्त और दूरस्थ शिक्षा प्रणालियों में इसके महत्व पर चर्चा करें।
2) समाज कार्य के छात्रों के बीच व्यावसायिक क्षमता के विकास में क्षेत्र निर्देश की भूमिका पर चर्चा करें।
अथवा
क्षेत्र कार्य पर्यवेक्षण की अवधारणा की व्याख्या करें। समाज कार्य प्रयोग में पर्यवेक्षण के सिद्धांतों, कार्यों और चुनौतियों पर चर्चा करें।
3) निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर (300 शब्दों में) दीजिए:
क) समाज कार्य प्रयोग के विभिन्न मॉडलों पर चर्चा करें।
ख) व्यावहारिक परिवेश में समाज कार्य सीखने वालों की भूमिकाओं और अपेक्षाओं की व्याख्या करें।
ग) प्रभावी अधिगम सुनिश्चित करने में क्षेत्र कार्य पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारियों की जाँच करें।
घ) सुधारात्मक और स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्थाओं में समाज कार्य प्रयोग के दायरे पर चर्चा करें।
4.निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों का उत्तर (150 शब्दों में) दीजिए:
क) क्षेत्र कार्य अधिगम में अभिकरण-छात्र संबंध के महत्व को समझाइए।
ख) शैक्षिक परिवेश में समाज कार्य प्रयोग की चर्चा करें।
ग) समाज कार्य प्रयोग में रिकॉर्डिंग के महत्व को समझाइए।
घ) प्रभावी समाज कार्य पर्यवेक्षक के गुणों का वर्णन कीजिए।
ङ) क्षेत्र कार्य प्रयोग के दौरान सामने आने वाले नैतिक मुद्दों पर चर्चा करें।
च) समाज कार्य प्रयोग के घटकों की व्याख्या कीजिए।
5.निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ (प्रत्येक लगभग 100 शब्दों में) लिखिए:
क) पर्यवेक्षण सम्मेलन
ख) क्षेत्र कार्य एजेंसी
ग) प्रोसेस रिकॉर्डिंग
घ) व्यावसायिक उत्तरदायित्व
ङ) ग्रामीण परिवेश में समाज कार्य प्रयोग
च) प्रयोग का मूल्यांकन
छ) प्रयोग अधिगम
ज) क्षेत्र निर्देशन





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