Description
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय
एम.ए. समाजशास्त्र में ऐच्छिक पाठ्यक्रम
एमएसओई-004 : नगरीय समाजशास्त्र
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य (टीएमए)
कुल अंक : 100
अधिकभारिता : 30%
कार्यक्रम कोड : एमएसओ
पाठ्यक्रम कोड : एम.एस.ओ.ई.-004
सत्रीय कार्य कोड : एम.एस.ओ.ई.-004 / सत्रीय कार्य / टीएमए / 2026–2027
किसी पाँच प्रश्नों (प्रत्येक के) का उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्नों के उत्तर अवश्य दीजिए।
खण्ड–I
1.नगरीय समाजशास्त्र की प्रकृति एवं विषय-क्षेत्र की विवेचना कीजिए। नगरीय समाज के अध्ययन में अन्य सामाजिक विज्ञानों के साथ इसके संबंधों का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
2.नगरीय समाजशास्त्र में पारिस्थितिकीय (Ecological) दृष्टिकोण की व्याख्या कीजिए। आक्रमण (Invasion), उत्तराधिकार (Succession), संकेन्द्रण (Concentration) तथा केंद्रीकरण (Centralization) की पारिस्थितिकीय अवधारणाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
3.उज्जैन, शाहजहानाबाद तथा कोलकाता के विशेष संदर्भ में भारत के प्राचीन, मध्यकालीन एवं औपनिवेशिक नगरों की सामाजिक-आर्थिक तथा राजनीतिक विशेषताओं का तुलनात्मक विवेचना कीजिए।
4.स्वतंत्रता के पश्चात भारत में नगरीकरण की प्रमुख प्रवृत्तियों एवं प्रतिरूपों का विश्लेषण कीजिए। नगरीय विकास में वर्तमान असमानताओं के लिए उत्तरदायी कारकों की चर्चा कीजिए।
5.भारत में नगरीय समाजशास्त्र के विकास का पता लगाइए। इस विषय के विकास में प्रमुख भारतीय समाजशास्त्रियों के योगदान का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
खण्ड–II
6.महानगर-केंद्रित नगरीय विकास के विकल्प के रूप में ‘पोषित विकास’ वाले नगरीकरण मॉडल की चर्चा कीजिए। भारत में सतत् नगरीकरण को प्रोत्साहित करने में इसकी प्रासंगिकता एवं संभावनाओं का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
7.नगरीकरण के परिणामस्वरूप परिवार में निरंतरता एवं परिवर्तन की प्रक्रियाओं का परीक्षण कीजिए।
8.आर्थिक उदारीकरण का भारत के नगरीय व्यावसायिक संरचना पर पड़े प्रभाव का समालोचनात्मक विवेचन कीजिए।
9.झुग्गी-बस्तियों के प्रबंधन एवं सुधार के प्रमुख उपायों की चर्चा कीजिए। भारतीय संदर्भ में उनकी प्रभावशीलता का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
10.नगरीय नियोजन के उद्देश्यों का वर्णन कीजिए। समकालीन नगरीय विकास की चुनौतियों के समाधान में इसकी भूमिका का परीक्षण कीजिए।





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