Description
सत्रीय कार्य
MSK: 005 वैदिक वाङ्मय एवं भारतीय संस्कृति और सभ्यता
पाठ्यक्रम कोड – MSK–005
पाठ्यक्रम शीर्षक – वैदिक वाङ्मय एवं भारतीय संस्कृति और सभ्यता
सत्रीय कार्य – MSK – 005/TMA/2025–2026
पूर्णांक – 100
नोट – सभी प्रश्न अनिवार्य हैं : –
1.अधोलिखित में से किन्हीं तीन की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए :
(क) अग्निर्होता कविक्रतु: सत्यश्चिचत्रश्रवस्तम:।
देवो देवेभिरा गमत्।।
(ख) य: सुन्वते पचते दुध्र आ चिद् वाजं दर्दर्षि स किलासि सत्य:।
वयं त इन्द्र विश्वह प्रियास: सुवीरसो विदथमा वदेम।।
(ग) येन कर्मण्यपसो मनीषिणो यज्ञे कृण्वन्ति विदथेषु धीराः।
यदपूर्व यक्षमन्त: प्रजानां तन्मे मन: शिवसङ्कल्पमस्तु।।
(घ) यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवास् तानि धर्माणि प्रथमान्यासन्।
ते ह नाकं महिमान: सचन्त यत्र पूर्वे साध्या: सन्ति देवा:।।
(ङ) यं क्रन्दसी अवसा तस्तवाने अभ्यैक्षेतां मनसा रेजमाने।
यत्राधिसूर उदितो विभाति करस्मै देवाय हविषा विधेम।।
निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं पाँच के उत्तर लगभग 500 शब्दों में लिखिए।
2.निपात के लक्षण बताते हुए निपातों के विभाग का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
3.ऋग्वेद संहिता का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
4.ब्राह्मण ग्रंथों का देशकाल एवं उनके प्रतिपाद्य विषय को बताएं।
5.वैदिक देवताओं के स्वरूप का वर्णन करें।
6.प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली को स्पष्ट करें।
7.वैदिक संधि को उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
8.पुरुषार्थ चतुष्टय का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लगभग 1000 शब्दों में लिखिए।
9.महाभारतकालीन सभ्यता और संस्कृति का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
10.पुराणकालीन सभ्यता और संस्कृति पर प्रकाश डालें।
11.प्राचीन भारत में ‘नारी’ पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालें।






Reviews
There are no reviews yet.