Description
MJY-005 ज्योतिर्विज्ञान
(सत्रीय कार्य)
पाठ्यक्रम कोड : MJY-005
सत्रीय कार्य कोड : MJY-005 / 2025–26
कुल अंक : 100
नोट : यह सत्रीय कार्य 02 खण्डों में विभक्त है। सभी खण्ड अनिवार्य हैं। 15 अंक के प्रश्नों का विस्तृत उत्तर दीजिए। 10 अंक के प्रश्नों का लगभग आठ सौ शब्दों में उत्तर देना है।
खण्ड—1
निर्देश— निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए : 15X4=60
1.भास्कराचार्य कौन थे? उनके ज्योतिष शास्त्र में योगदान का वर्णन कीजिए।
2.आर्यभट्ट के ज्योतिष शास्त्रीय योगदान का उल्लेख कीजिए।
3.सवाई जय सिंह का परिचय देकर उनकी कृतियों का वर्णन कीजिए।
4.सुधारकर द्विवेदी का ज्योतिषशास्त्रीय योगदान क्या है? उल्लेख कीजिए।
5.आचार्य लगध एवं वेदांग ज्योतिष का विस्तार से वर्णन कीजिए।
6.वराहमिहिर का परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का विस्तृत वर्णन कीजिए।
खण्ड–2 4X10=40
निर्देश: अधोलिखित प्रश्नों में से किसी चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1.मकरन्द की ज्योतिष शास्त्रीय मान्यताओं का उल्लेख कीजिए।
2.नीलाम्बर झा का परिचय और इनकी कृतियों के बारे में लिखिए।
3.सिद्ध कीजिए कि सामन्त चन्द्रशेखर ने ज्योतिष शास्त्र में योगदान दिया है।
4.कमलाकर भट्ट का व्यक्तित्व और कृतित्व लिखिए।
5.मुरलीधर ठाकुर की कृतियों का वर्णन कीजिए।
6.डॉ० सम्पूर्णानन्द का ज्योतिष शास्त्र में क्या अवदान है? वर्णन कीजिए।
7.गणेश दैवज्ञ की ज्योतिष शास्त्रीय मान्यताओं का उल्लेख कीजिए।




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