Description
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम का कोड : आई. बी. ओ. -06
पाठ्यक्रम का शीर्षक : अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय वित्त
सत्रीय कार्य का कोड : आई. बी. ओ. -06/ टी. एम. ए. / 2026-27
खण्डों की संख्या : सभी खण्ड
अधिकतम अंक : 100
सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए
1. (क)विदेशी विनिमय बाजार (Foreign Exchange Market) की संरचना एवं कार्यप्रणाली की व्याख्या कीजिए। वाणिज्यिक बैंकों (Commercial Banks), केंद्रीय बैंकों (Central Banks), दलालों (Brokers) तथा बहुराष्ट्रीय निगमों (Multinational Corporations) द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका पर चर्चा कीजिए।
(ख)बहुराष्ट्रीय कार्यशील पूंजी प्रबंधन (Multinational Working Capital Management) पर चर्चा कीजिए। अंतर्राष्ट्रीय परिचालनों (International Operations) में नकदी (Cash), प्रापियों (Receivables) तथा भंडार (Inventory) के प्रबंधन से संबंधित चुनौतियों की व्याख्या कीजिए।
2. (क) विदेशी विनिमय जोखिम-अनावरण (Foreign Exchange Exposure) क्या है? लेन-देन जोखिम (Transaction Exposure), रूपांतरण जोखिम (Translation Exposure) तथा आर्थिक जोखिम (Economic Exposure) की उपयुक्त व्यावसायिक उदाहरणों सहित चर्चा कीजिए।
(ख)अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय वित्त में जोखिम प्रबंधन (Risk Management) के रणनीतिक महत्व पर चर्चा कीजिए।
3.(क) विनिमय दर निर्धारण (Exchange Rate Determination) के सिद्धांतों पर चर्चा कीजिए। मुद्रा की चाल (Currency Movements) को समझाने में क्रय शक्ति समता सिद्धांत (Purchasing Power Parity Theory) तथा ब्याज दर समता सिद्धांत (Interest Rate Parity Theory) की तुलना कीजिए।
(ख) व्याख्या कीजिए कि राजनीतिक एवं आर्थिक अनिश्चितताएँ (Political and Economic Uncertainties) अंतर्राष्ट्रीय निवेश निर्णयों (International Investment Decisions) को किस प्रकार प्रभावित करती हैं।**-
4. निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट कीजिए:
(क) विदेशी विनिमय उद्धरण (Foreign Exchange Quotations) तथा क्रॉस विनिमय दरें (Cross Exchange Rates)
(ख) तात्कालिक विनिमय बाजार (Spot Exchange Market) तथा वायदा विनिमय बाजार (Forward Exchange Market)
(ग) प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment – FDI) तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (Foreign Portfolio Investment – FPI)
(घ) यूरोमुद्रा बाजार (Eurocurrency Market) तथा यूरोबॉण्ड बाजार (Eurobond Market)
5. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए:
(क) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में निर्यात वित्तपोषण (Export Financing) का महत्व
(ख) जोखिम से बचाव (Hedging) के साधन के रूप में मुद्रा विकल्प (Currency Options)
(ग) बहुराष्ट्रीय निवेश निर्णयों में देश जोखिम मूल्यांकन (Country Risk Assessment)
(घ) अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने में International Monetary Fund (IMF) की भूमिका





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