Description
सत्रीय कार्य : 2026 – 2027
स्नातक कला उपाधि कार्यक्रम (संस्कृत)
B.A. Hons. Sanskrit/B.A. (Major) Sanskrit(FYUP)
कार्यक्रम कोड : BASKH/BAFSK
BSKC-101 लौकिक संस्कृत पद्य साहित्य
पाठ्यक्रम कोड — BSKC-101
पाठ्यक्रम शीर्षक — लौकिक संस्कृत पद्य साहित्य
सत्रीय कार्य — BSKC-101/TMA/2026-2027
पूर्णांक — 100
नोट — सभी प्रश्न अनिवार्य हैं : —
(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :—
1. अधोलिखित पद्यांशों में से किन्हीं चार (04) की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए :— 4×10=40
क.) मा निषादप्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वती समाः ।
यत् क्रौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ॥
(ख.) अवस्तुनिर्बन्धपरे कथं नु ते करोऽयमामुक्तविवाहकौतुकः।
करेण शम्भोर्वलयीकृताहिना सहिष्यते तत् प्रथमानवलम्बनम्॥
(ग.) शक्यो वारयितुं जलेन हुतभुक् छत्रेण सूर्यातपो
नागेन्द्रो निशिताङ्कुशेन समदो दण्डेन गोगर्दभो।
व्याधिर्भेषजसंग्रहैश्च विविधैर्मन्त्रप्रयोगोर्विषं
सर्वस्यौषधमस्ति शास्त्रविहितं मूर्खस्य नास्त्यौषधम् ॥
(घ.) श्रियः कुरूणामधिपस्य, पालनीं प्रजासु वृत्तिं यमयुङ्क्त वेदितुम् ।
स वर्णिलिङ्गी विदितः समाययौ, युधिष्ठिरं द्वैतवने वनेचरः ॥
(ङ.) कृताभिषेका हुतजातवेदसं त्वगुत्तरासङ्गवतीमधीतिनीम् ।
दिदृक्षवस्तामृषयो अभ्युपागमन् न धर्मवृद्धेषु वयः समीक्ष्यते ॥
(च.) कथाप्रसङ्गेन जनैरुदाहृतादनुस्मृताखण्डलसूनुविक्रमः।
तवाभिधानाद् व्यथते नताननः स दु:सहान्मन्त्रपतादिवोरगः॥
2. निम्न में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर लिखिए –
क. मुक्तक काव्य की उत्पत्ति और विकास पर प्रकाश डालिये।
ख. आचार्य विश्वनाथ के अनुसार खण्डकाव्य पर प्रकाश डालिये।
ग. भर्तृहरि के शतकत्रय का वर्णन कीजिए।
घ. कालिदास के महाकाव्यों पर लेख लिखिए।
ङ. कुमारसम्भव के पंचम सर्ग का कथासार लिखिए।
च. रघुवंश महाकाव्य के प्रमुख पात्रों का चरित्र-चित्रण लिखिए।
3. निम्न में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए –
क. रावणवध
ख. महाकाव्य
ग. रघुवंश



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