Description
समाज कार्य का उद्गम और विकास
सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड : एम.एस.डब्ल्यू–001
2026-27
कुल अंक–100
नोट :
i) सभी पाँचों प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
ii) सभी पाँचों प्रश्नों के अंक समान हैं।
iii) प्रश्न सं. 1 और 2 के उत्तर, प्रत्येक के 600 शब्दों से अधिक नहीं होने चाहिए।
1)विभिन्न महाद्वीपों में समाज कार्यों के ऐतिहासिक विकास की चर्चा करें।
अथवा
एक पेशेवर अनुशासन के रूप में समाज कार्य की प्रकृति, विशेषताओं, दर्शन और दायरे की आलोचनात्मक जाँच करें।
2)समाज कार्य के तीन प्राथमिक तरीकों की व्याख्या करें और उनके उद्देश्यों, सिद्धांतों और व्यावसायिक अभ्यास के दायरे को उजागर करें।
अथवा
समाज कार्य अभ्यास में समाज कल्याण प्रशासन के दायरे, कार्यों और महत्व का वर्णन करें।
3)निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर (लगभग 300 शब्दों में) दीजिए:
क) एक पेशे के रूप में समाज कार्य की प्रमुख विशेषताओं की चर्चा करें। यह दान और स्वैच्छिक स्वैच्छिक कार्रवाई से कैसे अलग है?
ख) उपयुक्त उदाहरणों के साथ दान, स्वैच्छिक कार्रवाई, श्रमदान और व्यावसायिक सामाजिक कार्य के बीच अंतर करें।
ग) संयुक्त राज्य अमेरिका में समाज कार्य शिक्षा का इतिहास लिखें।
घ) समाज कार्य अनुसंधान की अवधारणा की व्याख्या करें और समाज कार्य अभ्यास में इसके योगदान पर चर्चा करें।
4)निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों का उत्तर (लगभग 150 शब्दों में) दीजिए:
क) समाज कार्य के विकास में धर्मार्थ संगठन सोसायटी (सीओएस) के योगदान को लिखें।
ख) समाज कार्य शिक्षा में वैदिक मानकों के उद्भव पर संक्षेप में चर्चा करें।
ग) सामाजिक सुरक्षा क्या है? इसके दायरे और महत्व का वर्णन कीजिए।
घ) सामाजिक अनुसंधान और समाज कार्य अनुसंधान के बीच अंतर बताइए।
ङ) सामाजिक कार्रवाई में उपयोग की जाने वाली प्रमुख रणनीतियों की व्याख्या करें।
च) सामाजिक आंदोलनों की मुख्य विशेषताओं और समाज कार्य के लिए उनकी प्रासंगिकता की व्याख्या करें।
5)निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ (लगभग 100 शब्दों में) लिखिए:
क) बेवरिज रिपोर्ट
ख) आईएफएसडब्ल्यू
ग) सामाजिक नेटवर्क
घ) सामाजिक सुरक्षा
ङ) सामाजिक सुधार
च) समाज कल्याण
छ) पारिस्थितिकीय परिप्रेक्ष्य
ज) जनहित याचिका




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