Description
व्यावसायिक समाज कार्य: भारत परिप्रेक्ष्य
सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड : एम.एस.डब्ल्यू–002
2026-27
कुल अंक–100
नोट :
i) सभी पाँचों प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
ii) सभी पाँचों प्रश्नों के अंक समान हैं।
iii) प्रश्न सं. 1 और 2 के उत्तर, प्रत्येक के 600 शब्दों से अधिक नहीं होने चाहिए।
1)समाज कार्यों को बढ़ावा देने में औपनिवेशिक शासकों द्वारा की गई पहलों पर चर्चा करें।
अथवा
बौद्ध विचारधारा और समाज कार्य के बीच संबंधों की व्याख्या करें।
2)19 गांधीवादी रचनात्मक कार्यक्रमों को सूचीबद्ध करें और उनमें से प्रत्येक को अपने शब्दों में समझाइए।
अथवा
क्या पेशेवर समाज कार्य में कैरियर की संभावनाएँ हैं? चर्चा करें।
3)निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर (लगभग 300 शब्दों में) दीजिए:
क) भारत में किन्हीं दो महत्वपूर्ण किसान आंदोलनों की व्याख्या कीजिए।
ख) इस्लाम में निहित समाज कार्य मूल्यों का पता लगाएँ।
ग) सत्याग्रह क्या है? सत्याग्रहियों के लिए दिशानिर्देशों की सूची बनाएँ।
घ) समाज कार्य साहित्य में अंतर के किन्हीं तीन कारणों का वर्णन कीजिए।
4)निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों का उत्तर (लगभग 150 शब्दों में) दीजिए:
क) योजना आयोग के कार्यों के बारे में लिखें।
ख) गांधीवादी समाज कार्य की किन्हीं तीन विशेषताओं की चर्चा कीजिए।
ग) भारत में समाज सुधारों में ईसाई धर्म के योगदान का वर्णन करें?
घ) जनजातीय विकास के क्षेत्र में विशेष अधिकारी के क्या कर्तव्य हैं?
ङ) समाज कार्य के दृष्टिकोण से जैन धर्म के महत्व की चर्चा करें।
च) ‘समाज कार्य शिक्षा को विभिन्न चरणों में वर्गीकृत किया जा सकता है।’ संक्षेप में टिप्पणी करें।
5)निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर (लगभग 100 शब्दों में) संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए:
क) वकालत
ख) जराविज्ञान
ग) जैनियों द्वारा पाँच प्रतिज्ञाएँ
घ) धर्म-हिंदू धर्म का मूल
ङ) आर्य समाज
च) राष्ट्रीय सेवा योजना
छ) सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में गांधी
ज) ब्रह्मचर्य




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