Description
समाज कार्य में स्नातकोत्तर उपाधि एमएसडब्ल्यू
प्रथम वर्ष
सत्रीय कार्य 2025 26
MSW:2 -व्यावसायिक समाज कार्य -भारत परिप्रेक्ष्य
पाठ्यक्रम कोड : एम.एस.डब्ल्यू–002
1.स्वदेशी प्रथाओं पर जोर देते हुए भारत में समाज कार्य की ऐतिहासिक जड़ों पर चर्चा करें।
अथवा
भारत में व्यावसायिक समाज कार्य के उद्भव में समाज सुधार आंदोलन की भूमिका की जांच करें।
2.बताएं कि भारतीय धार्मिक दर्शन (हिंदू धर्म, इस्लाम, ईसाई धर्म आदि )समाज कार्य मूल्य और प्रथाओं को कैसे प्रभावित करते हैं ?
अथवा
भारतीय संदर्भ में व्यावसायिक समाज कार्य के नैतिक आधारों का वर्णन करें।
3.निम्नलिखित में से किन्ही दो प्रश्नों का उत्तर लगभग 300 शब्दों में दीजिए ।
1.भारतीय समाज कार्य अभ्यास में गांधीवादी विचारधारा के महत्व का वर्णन करें।
2.बीआर अंबेडकर के विचार भारतीय सामाजिक न्याय और समाज कार्य में कैसे योगदान करते हैं? व्याख्या करें ।
3.भारतीय समाज कार्य को आकार देने में सर्वोदय आंदोलन की भूमिका पर एक नोट लिखें ।
4.समाज कार्य दर्शन के लिए पश्चिमी और भारतीय दृष्टिकोण की तुलना करें।
4.निम्नलिखित में से किन्ही चार प्रश्नों का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए ।
1.भारत में समाज कार्य शिक्षा के विकास का पता लगाइए।
2.भारतीय समाज कार्य में व्यावसायिक संघों की क्या भूमिका है?
3.बताइए कि समाज कार्य राष्ट्र विकास योजना के साथ कैसे एकीकृत होता है ?
4.भारतीय समाज कार्य शिक्षा में क्षेत्र कार्य के महत्व पर चर्चा कीजिए ।
5.भारतीय भारत में समाज कार्य को स्वदेशी बनाने की चुनौतियां क्या है?
6.ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में समाज कार्य की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए।
5.निम्नलिखित में से किन्हीं पांच पर लगभग 100 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियां लिखिए ।
1.भक्ति आंदोलन
2.सामाजिक सुरक्षा
3.दान और परोपकार
- समाज कार्य में आचार संहिता
- आत्मसम्मान आंदोलन
6.गांधीवादी ट्रस्टीसिप
7.भारत में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका
8.अनौपचारिक समाज कार्य प्रथाएं






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