Description
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम का कोड: एमएमपीएससी-005
पाठ्यक्रम का शीर्षक: प्रबंधकीय अनुप्रयोग हेतु मात्रात्मक विश्लेषण
सत्रीय कार्य का कोड: एमएमपीएससी-005/टी. एम. ए./जुलाई/2026-27
नोट: सभी प्रश्नों का उत्तर दीजिए तथा यह सत्रीय कार्य अपने अध्ययन केंद्र के समन्वयक को जमा कीजिए। जुलाई 2026 सत्र हेतु अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तथा जनवरी 2027 सत्र हेतु 30 अप्रैल 2027 है।
प्रश्न
1. प्राथमिक एवं द्वितीयक आँकड़ों में अंतर स्पष्ट कीजिए। प्राथमिक आँकड़ों के संग्रह की विभिन्न विधियों की चर्चा कीजिए। यह भी बताइए कि प्रत्येक विधि का उपयोग किन परिस्थितियों में किया जाना चाहिए।
2. हाल ही में किए गए एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण के आधार पर मुद्रित विज्ञापनों के एक विक्रेता का अनुमान है कि 56% वयस्क अपने सभी डाक पत्र खोलते हैं। यदि यह दर अभी भी समान है, तो 1000 वयस्कों के यादृच्छिक नमूने में अपने सभी पत्र खोलने वालों की संख्या के लिए प्रायिकता ज्ञात कीजिए:
(क) 541 से कम
(ख) 570 या अधिक
3. उन विभिन्न कारणों का वर्णन कीजिए जिनके कारण प्रतिचयन (Sampling) जनसंख्या के बारे में निष्कर्ष निकालने का एक प्रभावी माध्यम माना जाता है। साथ ही प्रायिकता तथा अप्रायिकता प्रतिचयन के बीच प्रमुख अंतर स्पष्ट कीजिए।
4. कर्मचारी पलायन के अध्ययन के अंतर्गत बिक्री प्रबंधन पदों पर कार्यरत व्यक्तियों के अनुभव के वर्षों का सर्वेक्षण किया गया।
आँकड़े:
पुरुष महिलाएँ
नमूना आकार 80 70
औसत 21.7 18.5
मानक विचलन 9.3 4.8
औसत के अंतर H₁ – H₂ के लिए 95% कॉन्फिडेंस इंटरवल बनाएं।
5. निम्नलिखित में से किसी तीन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:
(क) निर्णय वृक्ष पद्धति
(ख) अप्रायिकता प्रतिचयन विधियाँ
(ग) केंद्रीय सीमा प्रमेय
(घ) सहसंबंध गुणांक






Reviews
There are no reviews yet.