Description
एम.एच.डी – 22 कबीर का विशेष अध्ययन
सत्रीय कार्य
(संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : MHD–22
सत्रीय कार्य कोड : एम.एच.डी.–22 /2026-2027
कुल अंक : 100
1. निम्नलिखित काव्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए: 10×3=30
(क)कबीर हरि का भांवता, दूरि से दीसंत।
तन षीणा मन उनमनां, जग रूठड़ा फिरंत।।
।
(ख) बोलनौं का कहिये रे भाई,
बोलत बोलत तत नसाई।
बोलत बोलत बढ़े विकारा, बिन बोल्याँ क्यूं होइ बिचारा।
संत मिलै कुछ कहिये कहिये, मिलै असंत मुष्टि करि रहिये।।
ग्यांनी सूं बोल्या हितकारी, मूरिख सूं बोल्यां झष मारी।
कहै कबीर आधा घट डोलै भरया, होइ तो मुँषा न बोलै।।
(ग) आपा मेट्या हरि मिलै, हरि मेट्या सब जाइ।
अकथ कहाणी प्रेम की, कह्या न को पत्याइ।।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए : 15×3=45
i. कबीर की भक्ति के मूल उपादानों पर प्रकाश डालिए।
ii. कबीर के काव्य में ‘माया’ की अवधारणा को विश्लेषित कीजिए।
iii. कबीर की सामाजिक चेतना का विवेचन कीजिए।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए : 5×5=25
i. नाथपंथ और गोरखनाथ
ii. कबीर के अध्ययन में आदि ग्रंथ का महत्व
iii. कबीर के काव्य में अलंकार, बिंब और प्रतीक
iv. इतिहास के ग्रंथों में कबीर
v. स्वाधीनता आंदोलन और कबीर



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