Description
स्नातकोत्तर (अर्थशास्त्र) उपाधि कार्यक्रम
(MAEC)
सत्रीय कार्य 2025–2026
प्रथम सेमेस्टर
(जून 2026 और दिसंबर 2026 सत्र में सत्रांत परीक्षा में बैठने वाले शिक्षार्थियों के लिए)
एम.ई.सी.–102 : समष्टि अर्थशास्त्रीय विश्लेषण
शिक्षक मूल्यांकित सत्रीय कार्य
सत्रीय कार्य कोड : एम.ई.सी –102/ ए.एस.टी. / 2025–26
पाठ्यक्रम कोड: एम.ए ई.सी.
HINDI MEDIUM
नोट : सभी प्रश्नों के उत्तर दें। खंड A के प्रत्येक प्रश्न के लिए 20 अंक हैं, जबकि खंड B के प्रत्येक प्रश्न के लिए 12 अंक हैं।
खंड A
1.एक ऐसे अधिव्यक्ति पीढ़ी मॉडल पर विचार कीजिए जहां प्रत्येक सदस्य दो समयावधियों t और (t+1)तक जीवित रहता है ।मान लीजिए कि यहां व्यक्ति t समय अवधि में काम करते हैं और वेतन आय अर्जित करते हैं. जबकि वे t+1 समय अवधि में काम नहीं करते हैं और ब्याज आय पर निर्भर करते हैं। उक्त t समय अवधि के दौरान ब्याज करने वृद्धि का उपभोग पर प्रभाव स्पष्ट कीजिए।
2.रैमसे-कैस-कूपमैन्स मॉडल में घरेलू संतुलन की स्थितियों की व्याख्या कीजिए। प्रासंगिक समीकरण अवकलित कीजिए और उपयोग आरेखों का प्रयोग कीजिए।
खण्ड ख
3.स्थिर विनिमय दर वाली किसी खुली अर्थव्यवस्था में सरकार को मौद्रिक नीति में स्वायत्ता प्राप्त नहीं होती ।क्या आप इस कथन से सहमत हैं ? अपने उत्तर का उचित सिद्ध कीजिए।
4.फिलिप्स वक्र क्या दर्शाता है ?आप अल्पावधि और दीर्घावधि में वक्र की आकृति में अंतर का कैसे समाधान करेंगे?
5.नीति और अप्रभाविता प्रमेय की प्रासंगिकता एवं निहितार्थों की आलोचना कीजिए।
6.जीवन चक्र परिकल्पना के प्रमुख अभिलक्षण पर प्रकाश डालिए। इसके निहितार्थ क्या है?
7.निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियां लिखिए ।
A.व्यापार चक्र का काल निर्धारण
B.मुद्रा आपूर्ति के निर्धारक




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