Description
सत्रीय कार्य
(संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : BHDC-133
आधुनिक हिंदी कविता
सत्रीय कार्य कोड : बी.एच.डी.सी.–133 / 2025–26
कुल अंक : 100
नोट : सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
खंड – क
1.निम्नलिखित पंक्तियों की संदर्भ व्याख्या कीजिए :
10 × 4 = 40
क) नई नई नित तान सुनावै।
अपने जाल में जगत फंसावै।
नित नित हमै कराई बल सून।
क्यों सखि साजन नहीं कानून।
ख) किसलय–कर स्वागत–हेतु हिला करते हैं,
मृदु मनोभाव–सम सुमन खिला करते हैं।
डाली में नव फल नित्य मिला करते हैं
तृण तृण पर मूक्ता–भार झिला करते हैं।
निधि खोलो दिखला रही प्रकृति निज माया,
मेरी कुटिया में राज–भवन मन भाया।
ग) जिस निर्जन में सागर लहरी,
अम्बर के कानों में गहरी–
निश्छल प्रेम–कथा कहती हो,
तज कोलाहल की अवनी रे।
जहाँ साँझ–सी जीवन छाया,
ढीले अपनी कोमल काया,
नील नयन से दुलकती हो,
ताराओं की पाँति घनी रे।
घ) अन्य होंगे चरण हारे,
और हैं जो लौटते, दे शूल को संकल्प सारे;
दुखव्रती निर्माण उन्मद,
यह अमरता नापते पद,
बाँध देंगे अंक–संसृति
से तिमिर में स्वर्ण बेला!
खंड – ख
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए :
2.भारतेन्दु के काव्य में निहित प्राचीन प्रवृत्तियों का उल्लेख कीजिए।
3.द्विवेदी युगीन काव्य की साहित्यिक प्रवृत्तियों को रेखांकित कीजिए।
4.छायावाद की अन्तर्वस्तु पर विचार कीजिए।
5.जयशंकर प्रसाद की सौन्दर्य चेतना पर प्रकाश डालिए।
खंड – ग
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए :
6.भारतेन्दु के छंद विधान को उदाहरण सहित समझाइए।
7.रामनरेश त्रिपाठी के काव्य में अन्तर्निहित राष्ट्रीय भावना पर प्रकाश डालिए।
8.निराला की काव्य भाषा की विशेषताएं बताइए।
9.पंत की नारी दृष्टि को रेखांकित कीजिए।





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