Description
अध्यापक जांच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम का कोड : बी. सी. ओ. सी. -132
पाठ्यक्रम का शीर्षक : व्यावसायिक संगठन और प्रबंध
सत्रीय कार्य का कोड : बी.सी.ओ.सी.-132/टी. एम. ए./2026
खण्डों की संख्या : सभी खण्ड
अधिकतम अंक : 100
सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
खण्ड – क (इस खंड में 10-10 अंकों के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं।)
1.व्यवसाय की अवधारणा तथा उसकी आवश्यक विशेषताओं की व्याख्या कीजिए। व्यवसाय, पेशा एवं रोजगार के बीच स्पष्ट अंतर बताइए।
2.डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्टार्ट-अप तथा सेवा क्षेत्र जैसे उभरते व्यावसायिक अवसरों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
3.प्रबंधकीय नियंत्रण क्या है? नियंत्रण की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए तथा प्रभावी नियंत्रण प्रणाली के महत्व पर चर्चा कीजिए।
4.प्रमुख प्रेरणा सिद्धांतों का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए तथा आधुनिक संगठनों में उनकी प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
5.संगठन की अवधारणा का वर्णन कीजिए। प्रबंधन में संगठनात्मक संरचना एवं विभागीकरण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
खण्ड – ख (इस खंड में 6-6 अंकों के मध्यम उत्तरीय प्रश्न हैं।)
6.भारत में व्यवसाय की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में तकनीकी नवाचार एवं कौशल विकास की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
7.व्यवसाय स्वामित्व के विभिन्न रूपों की व्याख्या कीजिए तथा उनके सापेक्ष गुणों एवं सीमाओं का मूल्यां14.कन कीजिए।
8.संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति में विपणन तथा मानव संसाधन प्रबंधन के महत्व की व्याख्या कीजिए।
9.किसी संगठन में संचार प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए। प्रभावी संचार में आने वाली प्रमुख बाधाओं पर चर्चा कीजिए तथा उनके समाधान सुझाइए।
10.उपयुक्त उदाहरणों सहित आर्थिक एवं गैर-आर्थिक क्रियाओं की व्याख्या कीजिए।
खण्ड – ग (इस खंड में 5-5 अंकों के लघु उत्तरीय प्रश्न हैं।)
11.निजी क्षेत्र एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
12.अधिकार, दायित्व एवं जवाबदेही (उत्तरदायित्व) की अवधारणा की व्याख्या कीजिए।
13.नेतृत्व क्या है? किसी भी दो नेतृत्व शैलियों की व्याख्या कीजिए।
14.टेलर के प्रबंधन के सिद्धांतों का उल्लेख कीजिए।



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