Description
बीपीसीसी 106 : मनोवैज्ञानिक का विकास
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड: BPCC-106
सत्रीय कार्य कोड : बीपीसीसी 106 /ए.एस.एस.टी./ जुलाई, 2026 – जनवरी, 2027
अधिकतम अंक: 70
नोट:
1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
2. सत्रीय कार्य अधिकतम 70 अंक का है। ट्यूटोरियल अधिकतम 30 अंक का है।
3. सत्रीय कार्य एवं ट्यूटोरियल अलग से जमा किए जाएंगे।
भाग क
सत्रीय कार्य – I
निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 20 अंक नियत हैं।
2×20=40
1) संरचनावाद संप्रदाय की विषय-वस्तु पर चर्चा कीजिए। आत्म-निरीक्षण विधि का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
2. गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के मूल सिद्धांतों को स्पष्ट कीजिए।
TYPE TXEXT AS IT IS
सत्रीय कार्य – II
निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 5 अंक का है।
6×5=30
3) विक्टर फ्रैंकल का योगदान
4) नेटिविज्म बनाम एम्पिरिसिज्म
5) अंग हीनता और क्षतिपूर्ति
6) मुक्त साहचर्य (फ्री एसोसिएशन)
7) साइकोफिजिक्स
8) सामाजिक रचनावाद
भाग ख
ट्यूटोरियल
(ट्यूटोरियल अध्ययन केन्द्र पर अलग से जमा किया जाएगा)
पाठ्यक्रम कोड: BPCC-106
ट्यूटोरियल कोड : ट्यूटोरियल/ जुलाई, 2026 – जनवरी, 2027
अधिकतम अंक: 30
नोट: निम्नलिखित निर्देशों के अनुसार कार्यों को पूरा कीजिए। कृपया कार्य को सुसंगत एवं संगठित ढंग से करने का प्रयास करें। प्रत्येक कार्य की शब्द सीमा 600 है और 15 अंक नियत है। प्रत्येक गतिविधि के लिए प्रासंगिक ऑफलाइन या ऑनलाइन संसाधनों का संदर्भ ले सकते हैं। प्रत्येक इकाई के अंत में भी कुछ उपयोगी संसाधन सूचीबद्ध हैं।
1) जर्नल ‘साइकोलॉजिकल स्टडीज’ (जनवरी 2024) में प्रकाशित लेख ‘मेंटल हेल्थ एंड इंडियन साइकोलॉजी: रीसेंट ट्रेंड्स एंड फ्यूचर डायरेक्शन्स’ (नीचे लिंक दिया गया है) को पढ़ें और इसके मुख्य विचारों को अपने शब्दों में सारांश लिखिए।
Mental Health and Indian Psychology: Recent Trends and Future Directions | Psychological Studies (springer.com) |
2) 19वीं सदी के अंत तक मनोविज्ञान के इतिहास का पता लगाइए। ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत कीजिए जो इस निष्कर्ष का समर्थन करते हों कि यह विषय एक विज्ञान के रूप में आरंभ हुआ था।
नोट: कृपया अपने कार्यों के अंत में लेखों/पुस्तकों के संदर्भ विवरण का उल्लेख कीजिए।



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