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MHD-11 HM 2026-27 SOLVED ASSIGNMENT

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एम. एच. डी.–11
हिन्दी कहानी
सत्रीय कार्य
(सभी खंडों पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : MHD/MAHD –11
सत्रीय कार्य कोड : एम.एच.डी.–11 / टी.एम.ए. / 2026–2027
HINDI SUBJECT

Description

एम. एच. डी.–11
हिन्दी कहानी
सत्रीय कार्य
(सभी खंडों पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : MHD/MAHD –11
सत्रीय कार्य कोड : एम.एच.डी.–11 / टी.एम.ए. / 2026–2027
कुल अंक : 100
सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1.निम्नलिखित में से किन्हीं दो की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए:
(क) “जमुना! अचंभे के साथ आँखें फाड़-फाड़कर अपने पति को देख रही थी। दांपत्य-जीवन के इतने दीर्घकाल में कभी भी, यहां तक कि शादी के प्रारम्भिक दिनों में भी, शकलदीप बाबू ने रात में उनके जागकर कुछ खाने को नहीं मांगा था। वह झुंझला पड़ी और उसने अपना असंतोष व्यक्त किया, ‘ऐसा पेट तो कभी नहीं था, मालूम नहीं, इस समय रसोई में कुछ है या नहीं।’”
(ख) “‘वक्त बदल गया, मगर बोलियाँ नहीं बदली।’ बूढ़े मुसलमान ने धीमे स्वर में अपने से कहा और छड़ी का सहारा लिये खड़ा रहा। उसके घुटने, पाजामे से बाहर निकल रहे थे। घुटनों से थोड़ा ऊपर शेरवानी में तीन-चार पैबंद लगे थे। गली से एक बच्चा रोता हुआ बाहर आ रहा था। उसने उसे पुकारा, ‘इधर आ बेटा! आ तुझे चिज्जी देंगे, आ।’ और वह अपनी जेब में हाथ डालकर उसे देने के लिए कोई चीज़ ढूँढ़ने लगा। बच्चा एक क्षण के लिए चुप कर गया लेकिन फिर उसी तरह होंठ बिसूरकर रोने लगा। एक सोलह-सत्रह साल की लड़की गली के अन्दर से दौड़ती हुई आयी और बच्चे को बाँह से पकड़कर गली में ले चली। बच्चा रोने के साथ-साथ अब अपनी बाँह छुड़ाने के लिए मचलने लगा। लड़की ने उसे अपनी बाँहों में उठाकर गले से सटा लिया और उसका मुँह चूमते हुई बोली, ‘चुप कर खसम खाने । रोयेगा तो वह मुसलमान तुझे पकड़कर ले जायेगा। कह रही हूँ चुप कर!’”
(ग) शिक्षा का शौहर, कपिल अपने घरवालों से इस अर्थों में भिन्न था, कि आमतौर पर उसका सोचने का एक मौलिक तरीका था। शादी के ख्याल से जब उसने अपने आस–पास देखा, तो कॉलेज में उसे अपने से दो साल जूनियर बी.एससी. में पढ़ती शिक्षा अच्छी लगी। सबसे पहली बात तो यह थी कि वह उन सब औरतों से एकदम अलग थी। उसने अपने परिवार अपने परिवेश में देखी थीं। शिक्षा एक पूरा नाम दीपशिखा था लेकिन वह नाम पूछता तो वह महज नाम नहीं बताती, “मेरे माता–पिता ने मेरा नाम गलत रखा है मैं दीपशिखा नहीं, अग्निशिखा हूँ।” वह कहती।
2. रघुवीर सहाय की कहानी ‘एक जीता–जागता व्यक्ति’ ‘एक नए मनुष्य की रचना की आकांक्षा की अभिव्यक्ति है’ इस कथन पर विचार कीजिए।
3.’मध्यवर्गीय जीवन की विडम्बनाओं के आलोक में ‘ड्राइंग’ रूम कहानी’ की समीक्षा कीजिए।
4.’स्विमिंग पूल’ कहानी के प्रतिपाद्य पर प्रकाश डालिए।
5.‘यही सच है’ कहानी की मार्मिकता का विश्लेषण कीजिए।
6.‘तीसरी कसम कहानी’ के चरित्र ‘हीरामन’ और ‘हीराबाई’ के संबंधों की जटिलता को विश्लेषित कीजिए।

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