Description
भारतीय राजनीतिक व्यवस्था: संवैधानिक ढाँचा और संस्थाएँ (MPS-102)
शिक्षक-मूल्यांकित सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड: MPS-102
असाइनमेंट कोड: ASST/TMA/2026-27
पूर्णांक: 100
नोट: किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक खंड से कम-से-कम दो प्रश्नों का चयन करना अनिवार्य है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 20 अंकों का है।
खंड – I
1. संविधान सभा में भारतीय राज्यव्यवस्था की संरचना और उद्देश्यों को लेकर हुए वैचारिक विमर्शों की समालोचना कीजिए। इन विमर्शों ने संविधान की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को किस प्रकार आकार दिया?
2. मूल संरचना सिद्धांत का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संसद की संविधान संशोधन शक्ति के सामर्थ्य, यह संविधान की मूल पहचान के संरक्षण को कैसे सुनिश्चित करता है?
3. भारत में विधायिका और कार्यपालिका के बदलते संबंधों का विश्लेषण कीजिए। दलगत बहुमत, मंत्रिमंडल का सामूहिक उत्तरदायित्व और प्रधानमंत्री का बढ़ता महत्व संसदीय जवाबदेही को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
4. भारत में न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायिक सक्रियता और जनहित याचिका की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
5. निम्नलिखित पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए:
(क) सामाजिक-आर्थिक रूपांतरण के साधन के रूप में संविधान
(ख) संसदीय समितियाँ और विधायी जवाबदेही
खंड – II
6. भारतीय संघवाद की विशिष्ट और असममित विशेषताओं का परीक्षण कीजिए। विधायी, प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों का विभाजन केंद्र–राज्य संबंधों को किस प्रकार आकार देता है?
7. भारत में केंद्र–राज्य तनावों के प्रबंधन हेतु संवैधानिक और राजनीतिक तंत्रों का आलोचनात्मक आकलन कीजिए। आपातकालीन प्रावधानों, एस. आर. बोम्मई निर्णय और केंद्र–राज्य संबंधों में सुधारों के विशेष संदर्भ में चर्चा कीजिए।
8. 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के माध्यम से लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का मूल्यांकन कीजिए। स्थानीय सरकारों को कार्यों, निधियों और कार्मिकों का प्रभावी हस्तांतरण अभी भी असमान क्यों है?
9. निर्वाचन आयोग, वित्त आयोग और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को लोकतांत्रिक तथा वित्तीय जवाबदेही की संस्थाओं के रूप में मूल्यांकन कीजिए। उनकी स्वायत्तता और प्रभावशीलता को कौन-सी चुनौतियाँ प्रभावित करती हैं?
10. निम्नलिखित पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए:
(क) संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग: योग्यता, निष्पक्षता और जवाबदेही
(ख) गैर-संवैधानिक निकाय और लोकतांत्रिक शासन






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