Description
एम.एच.डी.–24 : मध्यकालीन कविता –2
सत्रीय कार्य
(सभी खंडों पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : MHD–24
सत्रीय कार्य कोड : एम.एच.डी.–24 / 2026-2027
कुल अंक : 100
1.निम्नलिखित काव्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए :
(क) काह कामरी पामरी, जाड़ गये से काज।
रहिमन भूख बुझाइए, कैस्यो मिले अनाज।
(ख) आपने आपने ठौरनि तो भुवपाल सबै भुव पालै सदाई।
केवल नामहिं के भुवपाल कहावत हैं भुव पालि न जाई।
भूपन की तुम ही धरि देह विदेहन में कल कीरति गाई।
केशव भूषण की भुवि भूषण भू-तन ते तनया उपजाई। ।
(ग)केलि कैं राति अघाने नहीं, दिन ही मैं लला पुनि घात लगाई,
प्यास लगी, कोउ पानी दो जाइयौ, भीतर बैठिकैं बात सुनाई।
जेठी पठाई गई दुलही, हँसी, हेरि हरे ‘मतिराम’ बुलाई,
कान्ह के बोल मैं कान न दीनो, सो गेह की देहरी पै धरि आई।।
(घ) स्याम सरूप घटा ज्यों, अनुपम नीलपटा तन राधे कै झूमै।
राधे के अंग के रंग रंग्यो पट, वीजुरी ज्यों घन सो तन भूमै।
है प्रतिमूरति दोऊ, दुहू की, किघौं प्रतिबिंब वही घट दूँमै।।
एकहि देव दुदेहरे, देहरे, द्वै इक देव दुहू मैं।।
2.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500–500 शब्दों में दीजिए :
(क) रहीम के काव्य की अंतर्वस्तु पर प्रकाश डालिए।
(ख) केशव के काव्य–वैशिष्ट्य का विवेचन कीजिए।
(ग) देव की कविता के वर्ण्य–विषय की विशेषताएँ बताइए।
3.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
(क) रीतिकाल पर आधुनिक दृष्टि
(ख) मध्ययुगीन नीति काव्य
(ग) मतिराम के काव्य में प्रकृति ।






Reviews
There are no reviews yet.