Description
सत्रीय कार्य
BSKC -131
संस्कृत पद साहित्य
पाठ्यक्रम कोड : BSKC -131
पाठ्यक्रम शीर्षक : संस्कृत पद साहित्य
सत्रीय कार्य : BSKC -131/TMA/2026-27
पूर्णांक : 100
नोट – सभी प्रश्न अनिवार्य हैं :-
भागक-
(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :-
- अधोलिखित श्लोकों की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए-
15X3=45
क- मन्दः कवियश: प्रार्थी गमिष्याम्युपहास्यताम् ।
प्रांशुलभ्ये फले लोभादुद्हुरिव वामनः ।।
अथवा
आकारसदृशप्रज्ञः प्रलयासदृशागमः ।
आगमैः सदृशारम्भः आरम्भसदृशोदयः ।।
ख- विपक्षाखिलीकृत्य प्रतिष्ठा खलु दुर्लभा ।
अनीत्वा पड़्कतां धूलिमुदकं नावतिष्ठते ॥
अथवा
अङ्काधिपतिनुमभूद्वद्र्मा मुगनाल्हः ।
केशरी निःश्वासिमुग्योऽपि मगधिपःः ॥
ग- शिरः शार्व स्वर्गात्पशुपतिशिरस्तः क्षितिधरं ।
महीध्रादुत्तुड़्ड़्गादवनिमवनेश्र्चापि जलधिम् ।
अधोधो गड्गेयं पदमुपगता स्तोकमथवा
विवेककभ्रष्टानां भवति विनिपातः शतमुखः ॥
अथवा
अधिगतपरमार्थान् पण्डितान् मा मवमंस्थाः।
तृणमिव लघु लक्ष्मीर्नैव तान्संरुणद्धि।
अभिनवमदलेखाश्यामगण्डस्थलानां
न भवति बिसतन्तुर्वारणं वारणानाम् ।।
भाग ख –
(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
नोट: निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग : 700 शब्दों में लिखिए।
2.धर्मराज युधिष्ठिर का चरित्र चित्रण कीजिए।
अथवा
शिशुपाल का चरित्र चित्रण कीजिए।
3.श्रीहर्ष का जीवन और उनके शैलीगत वैशिष्ट्य का वर्णन कीजिए।
अथवा
‘रघुवंश’ महाकाव्य के आधार पर सुदक्षिणा का चरित्र चित्रण कीजिए।
भाग- ग
(लघु उत्तरीय प्रश्न)
नोट: निम्नलिखित में से किसी पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग :200 शब्दों में लिखिए।
5X5=25
4.‘एंड्रांग’ महाकाव्य के आधार पर सीता की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
5.नीतिशतकम का परिचय लिखिए।
6.भर्तृहरि का जीवन परिचय लिखिए।
7.शिशुपालवधम् महाकाव्य की कोई दो सूक्तियाँ लिखकर स्पष्ट कीजिए।
8.‘माघे सन्ति नये गुणः’ को स्पष्ट कीजिए।
9.नीतिशतक के आधार पर ‘स्वार्थम धन’ को स्पष्ट करें।
10.शिशुपालवध महाकाव्य के आधार पर प्रकृति का वर्णन कीजिए।



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