Description
बी.एच.आई.ई.-143: पर्यावरण का इतिहास
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड: बी.एच.आई.ई.-143
सत्रीय कार्य कोड: बी.एच.आई.ई.-143/ए.एस.एस.टी./टी.एम.ए./2025-26
अधिकतम अंक: 100
नोट: यह सत्रीय कार्य तीन भागों में विभाजित है। आपको तीनों भागों के सभी प्रश्नों के उत्तर देने हैं।
सत्रीय कार्य – I
निम्नलिखित वर्णनात्मक श्रेणी प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए।
प्रत्येक प्रश्न 20 अंकों का है।
1.‘पारिस्थितिकीय नारीवाद’ से आप क्या समझते हैं? भारतीय पृष्ठभूमि के विशेष संदर्भ में पारिस्थितिकीय नारीवाद की व्याख्या कीजिए।
2.स्वतंत्रता के बाद भारत में हुए पर्यावरणीय आंदोलनों पर प्रकाश डालिए।
सत्रीय कार्य – II
निम्नलिखित मध्यम श्रेणी प्रश्नों के उत्तर लगभग 250 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 10 अंकों का है।
3.मध्यकालीन भारत के दौरान मानव-पर्यावरण संबंध, अंतःक्रिया तथा अंतरफलक को आप किस प्रकार देखते हैं?
4.‘हरित साम्राज्यवाद’ को परिभाषित कीजिए। हरित साम्राज्यवाद के प्रति यूरोपीय उपनिवेशवाद की भूमिका का आकलन कीजिए।
5.भारतीय दर्शन में वन, झील आदि के रूप में पर्यावरणीय तत्वों एवं घटकों की कल्पना किस प्रकार की गई है?
सत्रीय कार्य – III
निम्नलिखित लघु श्रेणी प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में दीजिए ।प्रत्येक प्रश्न 6 अंकों का है ।
6.पर्यावरणीय इतिहास
7.प्राचीन भारत के दौरान नदी घाटी सभ्यताओं में जल संसाधनों की भूमिका
8.ईस्ट इंडिया कंपनी के अंतर्गत शिकार
9.पर्यावरणीय संरक्षण में ग्रीनपीस की भूमिका
10.संगम युग के दौरान तिनै की अवधारणा



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