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हिंदी निबंध और अन्य गद्य विधाएँ
सत्रीय कार्य 2025—26
(संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : बी.एच.डी.सी.–112 / बी.ए.एच.डी.एच.
सत्रीय कार्य कोड : बी.एच.डी.सी.–112 / 2025–26
कुल अंक : 100
खण्ड–1
निम्नलिखित गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए। अंक :
1.ललित निबंध के उद्भव और विकास पर प्रकाश डालिए। 10
2.निम्नलिखित में से किन्हीं दो की संप्रसंग व्याख्या लिखिए : 10X2=20
(क) ’’ राजा हरीशचंद्र ने अपनी रानी शैल्या से अपने ही मृत पुत्र के कफन का टुकड़ा फड़वा नियम का अद्भुत पालन किया था। पर यह समझ रखना चाहिए कि यदि शैल्या के स्थान पर कोई दूसरी स्त्री होती तो राजा हरीशचंद्र के उस नियम पालन का उतना महत्व न दिखाई पड़ताय करुणा ही लोगों की श्रद्धा को अपनी और अधिक खींचती है। करुणा का विषय दूसरे का दुख हैय अपना दुख नहीं। आत्‍मीय जनों का दुख एक प्रकार से अपना ही दुख है। इससे राजा हरीशंद्र के नियम पालन का जितना स्‍वार्थ से विरोध था उतना करुणा से नहीं। ’’
ख) ”हृदय के भीतर जलनेवाली विरहाग्नि ने उसे किसी काम का नहीं छोड़ा। हे भगवान, तुम ऐसा कुछ नहीं कर सकते कि सारे गाँव के समान इस बालिका को भी चंद्रमा उतना ही शीतल लगे जितना औरों को लगता है! अर्थात् विरहिणी की दारुण–व्यथा अब सब के चित की सामान्यअनुभूति के साथ ताल मिलाकर चलने लगी। पागल का शूलग्नाश एक का लगना होता है, कवि का लगना सबको लगने लगता है। बात उलट कर कही जाय तो इस प्रकार होगी जिसका लगना सबको लगे वह कवि है, जिसका लगना सिर्फ उसे ही लगे, औरों को नहीं, वह पागल। लगने लगने में भी भेद है। जो सबको लगे, वह अर्थ है, जो एक को ही लगे, वह अनर्थ है। अर्थ सामाजिक होता है। ”
(ग) ”हाँ, उसके रूखे केश धीरे से कुछ कह गए। कुछ सुना है और अधिकांश अनसुना रह गया। पेट ही पेहार है, इन केशों को सँवारने की किसे फुरसत है। यह जलता हुआ जमाना, यह महामारी–सी महँगाई, यह काल–सा अकाल! जिनके लाल सूखे वृक्ष की ठरियों को चिचोर–चिचोर कर चिलाते हैं, जिनके लिए मनुष्य ही भगवान है, जिनके लिए मुट्ठी–भर अन्न ही मोक्ष सुख है उनके लिए क्या केश और क्या श्रृंगार! क्या अनुराग और क्या सुहाग!”
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 700–800 शब्दों में लिखिए।
3. निबंध की परिभाषा बताते हुए निबंधों के वर्गीकरण पर प्रकाश डालिए।
4. ‘करुणा’ निबंध का प्रतिपाठ लिखिए।
5. ‘गिल्लू’ रेखाचित्र का सारांश लिखिए।
6. ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ निबंध के महत्व पर प्रकाश डालिए।

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