-40%

MSO-4 HM 2026-27 SOLVED ASSIGNMENT

Original price was: ₹50.00.Current price is: ₹30.00.

एमएसओ–004 : भारत में समाजशास्त्र
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य (टीएमए)
कुल अंक : 100
अधिभारिता : 30%
कार्यक्रम कोड : एमएसओ
पाठ्यक्रम कोड : एम.एस.ओ.–004
सत्रीय कार्य कोड : एम.एस.ओ.–004/ सत्रीय कार्य/ टीएमए/ 2026–2027
HINDI MEDIUM

Description

एमएसओ–004 : भारत में समाजशास्त्र
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य (टीएमए)
कुल अंक : 100
अधिभारिता : 30%
कार्यक्रम कोड : एमएसओ
पाठ्यक्रम कोड : एम.एस.ओ.–004
सत्रीय कार्य कोड : एम.एस.ओ.–004/ सत्रीय कार्य/ टीएमए/ 2026–2027
किन्हीं पाँच प्रश्नों (प्रत्येक) का उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्नों के उत्तर अवश्य दीजिए।
खण्ड-I
1. भारत में समाजशास्त्र के विकास में औपनिवेशिक ज्ञान-उत्पादन की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। अपने उत्तर में भारतीय समाज के अध्ययन के प्राच्यवाद (Orientalist), मिशनरी तथा प्रशासनिक उपागमों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।
2. जाति के अध्ययन में ‘पुस्तकीय दृष्टिकोण’ (Book-view) और ‘क्षेत्रीय दृष्टिकोण’ (Field-view) के मध्य अंतर की विवेचना कीजिए। भारत में जाति की बदलती गतिशीलता को समझने में एम. एन. श्रीनिवास, एफ. जी. बैली, मैककिम मैरियट तथा ओ. एम. लिंच के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।
3. परिवार, विवाह तथा नातेदारी के प्रमुख नारीवादी दृष्टिकोणों की विवेचना कीजिए। मूल्यांकन कीजिए कि नारीवादी अध्ययनों ने परिवार के भीतर पितृसत्ता, लैंगिकता तथा शक्ति की समाजशास्त्रीय समझ को किस प्रकार रूपांतरित किया है।
4. भारत में भूमि सुधारों, हरित क्रांति तथा जाति-आधारित से वर्ग-आधारित कृषि संबंधों में हुए परिवर्तनों के सापेक्ष महत्व की विवेचना कीजिए।
5.आर्थिक उदारीकरण तथा वैश्वीकरण के संदर्भ में भारतीय मध्यवर्ग के उदय और विस्तार का विश्लेषण कीजिए। समकालीन भारत में इसकी बदलती सामाजिक, सांस्कृतिक तथा राजनीतिक भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
खण्ड-II
6.भारत के जनजातीय समाज पर वेरियर एल्विन तथा जी. एस. घुर्ये के दृष्टिकोणों का तुलनात्मक एवं आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।
7.समकालीन भारत में सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रियाओं में धर्म की भूमिका का परीक्षण कीजिए।
8.धर्म को एक सामाजिक संस्था के रूप में समझने में कार्ल मार्क्स, एमिल दुर्खीम तथा मैक्स वेबर के योगदानों की विवेचना कीजिए।
9.भारत में धार्मिक विविधता की प्रकृति तथा उसके महत्व का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। बहुलतावाद, सह-अस्तित्व तथा अंतर्धार्मिक अंतःक्रियाओं ने भारतीय समाज को किस प्रकार आकार दिया है?
10.सामाजिक आंदोलनों के प्रमुख प्रकारों (Typologies) की विवेचना कीजिए। भारतीय संदर्भ से उपयुक्त उदाहरण देते हुए पुराने (Old) तथा नए (New) सामाजिक आंदोलनों के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “MSO-4 HM 2026-27 SOLVED ASSIGNMENT”

Your email address will not be published. Required fields are marked *