Description
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय
एम.ए. समाजशास्त्र में ऐच्छिक पाठ्यक्रम
एमएसओ–004 : भारत में समाजशास्त्र
अध्यापक जाँच स्तरीय कार्य (टीएमए)
कुल अंक : 100
अधिकतमिता : 30%
कार्यक्रम कोड : एमएसओ
पाठ्यक्रम कोड : एम.एस.ओ.–004
स्तरीय कार्य कोड : एम.एस.ओ.–004/स्तरीय कार्य/टीएमए/2025–2026
किसी पाँच प्रश्नों (प्रत्येक) का उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्नों के उत्तर अवश्य दीजिए।
खण्ड–I
1.भारतीय समाज एवं संस्कृति पर तीन प्रमुख पश्चिमी दृष्टिकोणों का वर्णन कीजिए तथा आकंलन कीजिए कि भारत में समाजशास्त्र के उद्भव एवं विकास में उन्होंने किस प्रकार योगदान दिया।
2.भारतीय गाँवों की सामाजिक संरचना का परीक्षण समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से कीजिए।
3.औपनिवेशिक दृष्टिकोण से भारत में जाति व्यवस्था की उत्पत्ति और विकास पर चर्चा कीजिए।
4.भारत में जाति के ‘क्षेत्र परक’ और ‘पाठ परक’ दृष्टिकोण की तुलना कीजिए।
5.परिवार पर प्रमुख सैद्धांतिक दृष्टिकोणों का वर्णन कीजिए।
खण्ड–II
6.जाति और लिंग किस प्रकार भारतीय समाज में सामाजिक भूमिकाओं और असमानताओं को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। उपयुक्त उदाहरणों के साथ अपने उत्तर का समर्थन कीजिए।
7.आदिवासी लोगों के बारे में संविधान सभा की मुख्य चिंताएं क्या थीं, और भारतीय संविधान में इन्हें कैसे संबोधित किया गया?
8.भारतीय समाज में धर्म और राजनीति का किस प्रकार परस्पर संबंध है, संक्षेप में समझाइए। अपने उत्तर को प्रमाणित करने के लिए एक ऐतिहासिक और एक समकालीन उदाहरण दीजिए।
9.औद्योगीकरण और ग्राम विकास के बारे में महात्मा गांधी के क्या विचार थे?
10.नए सामाजिक आंदोलनों की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं? उदाहरणों सहित चर्चा कीजिए।







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