Description
संस्कृत व्याकरण
सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड : MSK – 002
पाठ्यक्रम शीर्षक : संस्कृत व्याकरण
सत्रीय कार्य : MSK – 002 / 2025–2026
पूर्णांक : .0
नोट – सभी प्रश्न अनिवार्य हैं : –
1.‘रामेण’ पद की सूत्रोलेखपूर्वक सिद्धि प्रक्रिया स्पष्ट कीजिए।
अथवा
बहुवचने झल्येत् : सूत्र की उदाहरण सहित व्याख्या एवं ‘रामेभ्यः’ शब्द की सम्बन्ध सूत्रोलेखपूर्वक सिद्धि प्रक्रिया स्पष्ट कीजिए।
.
2.‘पितृ’ शब्द के सभी विभक्तियों में रूप लिखिए एवं ‘मति’ शब्द के समान चलने वाले किन्हीं पाँच इकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों का उल्लेख कीजिए।
अथवा
‘अस्मद्’ शब्द के सभी विभक्तियों में रूप लिखिए एवं ‘वारी’ शब्द के समान चलने वाले किन्हीं पाँच ईकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों का उल्लेख कीजिए।
.
3.‘धमर्थयोर्धारणम्’ सूत्र की उदाहरण व्याख्या कीजिए।
अथवा
‘साधकतमं करणम्’ सूत्र की उदाहरण व्याख्या कीजिए।
.
4.‘तण्डुलानामोधनं पचति’ के रेखांकित पद में प्रयुक्त विभक्ति के विधायक सूत्र का उल्लेख करते हुए उदाहरण वाक्य के साथ व्याख्या कीजिए।
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अथवा
‘ग्रामम् अजानं नयति’ रेखांकित पद में प्रयुक्त विभक्ति के विधायक सूत्र का उल्लेख करते हुए उदाहरण वाक्य को स्पष्ट कीजिए।
5.(क) भवति अथवा भवानः की सिद्धि प्रक्रिया को सम्बन्ध सूत्रोलेखपूर्वक स्पष्ट करें। .
(ख) सार्वधातुकमपित्कृत्कृत्यः अथवा अतो दीर्घो यञि सूत्र की सोदाहरण व्याख्या कीजिए। .
6.(क) बभूव अथवा भवितारौ की सिद्धि प्रक्रिया को सम्बन्ध सूत्रों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट कीजिए। .
(ख) अभवः अथवा भविष्यसि की सिद्धि प्रक्रिया को सम्बन्ध सूत्रों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट कीजिए। .
7.(क) एष्यते अथवा एष्यामचक्राते की सिद्धि प्रक्रिया को सम्बन्ध सूत्रों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट कीजिए। .
(ख) हेतुमति च अथवा नित्यं कर्तरि लङ् गतोः सूत्र की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए। .






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