Description
एम.ए.आई.-10: भारत में नगरीकरण
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड : एम.ए.आई.-10
सत्रीय कार्य कोड : एम.ए.आई.-10/ए.एस.टी./टी.एम.ए./2025-26
पूर्णांक : 100
नोट : किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर लिखें। सत्रीय कार्य दो भागों में क एवं ख में विभाजित है। आपको प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में लिखने हैं। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।
भाग क
1.मध्यकालीन शहरों का अध्ययन करने के विभिन्न दृष्टिकोण क्या है?
- हड़प्पा नगरों में नगरीय नियोजन पर एक टिप्पणी लिखिए ।
3.दक्षिण भारत के प्रारंभिक ऐतिहासिक शहरी केंद्रों की विशेषताओं पर चर्चा कीजिए ।
4.गुप्त काल के दौरान उत्तर भारत में शहरीकरण की प्रकृति और चरित्र का परीक्षण कीजिए ।
5.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियां लिखिए।
- महानगरीय शहर: दिल्ली सल्तनत
- ग्रंथों में प्रारंभिक ऐतिहासिक शहर
- मोहनजोदड़ो के घर
- 15वीं शताब्दी के दौरान क्षेत्रीय राजधानी शहरों की प्रकृति
- मांडू
भाग ख
6.प्रायद्वीपीय भारत के मंदिर नगरों पर एक टिप्पणी लिखिए ।
7.मध्यकालीन दक्कन में शहरों के चरित्र को परिभाषित करने में वस्तुओं के विनिर्माण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।टिप्पणी कीजिए।
- क्या भारत में औपनिवेशिक शेरों को विभाजित शहरों के रूप में सही ढंग से समझा जा सकता है? उदाहरण के साथ अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
- औपनिवेशिक हितों और विचारधारों ने भारत में शहरी केंद्रों के चरित्र को प्रभावित किया है ।उपयुक्त उदाहरण के साथ जांच कीजिए ।
10.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियां लिखिए।
- विभाजन और पुनर्वास
- 18वीं सदी का लाहौर
- 1857 और शहर नियोजन पर इसके प्रभाव
- जीवंत शहर
- बंबई एक श्रमिक वर्ग का शहर






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