Description
स्नातकोत्तर (अर्थशास्त्र) उपाधि कार्यक्रम
(MAEC)
सत्रीय कार्य 2025–2026
2ND सेमेस्टर
(जून 2026 और दिसंबर 2026 सत्र में सत्रांत परीक्षा में बैठने वाले शिक्षार्थियों के लिए)
एम.ई.सी.–205 : भारतीय आर्थिकनीति
शिक्षक मूल्यांकित सत्रीय कार्य
सत्रीय कार्य कोड : एम.ई.सी –205/ ए.एस.टी. / 2025–26
पाठ्यक्रम कोड: एम.ए ई.सी.
HINDI MEDIUM
नोट सभी प्रश्नों के उत्तर देना है
खंड क
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 700 शब्दों में देना है इस खंड का प्रत्येक प्रश्न 20 अंक का है ।
1.भारतीय अर्थव्यवस्था में हुए संरचनात्मक परिवर्तन पश्चिमी और दक्षिणी पूर्व एशियन अर्थव्यवस्थाओं से विलग प्रकार के रहे हैं ।इस कथन का परीक्षण करें।
2.सेवा क्षेत्र की संवृद्धि में गति लाने हेतु भारत सरकार द्वारा उठाए गए नीतिगत उपाय पर्याप्त नहीं है। टिप्पणी करें।
खंड ख
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 500 शब्दों में देना है। इस खंड का प्रत्येक प्रश्न 12 अंक का है।
- वैश्विक वित्तीय संकट होने भारतीय अर्थव्यवस्था को किन माध्यमों से प्रभावित किया है? वैश्विक वित्तीय संकटों के दुष्प्रभाव को कम करने में भारत की वित्तीय नीति कहां तक सफल रही है?
- भारत में मुद्रास्फीति का मापन किस प्रकार किया जाता है ?मुद्रास्फीति के साथ कौन सी लगतें जुड़ी है? हम शून्य मुद्रास्फीति क्यों नहीं चाहते?
5.कृषकों की आय बढ़ाने हेतु फसलों का विविधीकरण अहम् साधन है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं ? भारत में फसलों के विविधीकरण के प्रोत्साहन हेतु सरकार द्वारा निर्मित कार्य नीति का आलोचनात्मक परीक्षण करें।
6.बाजार की सफलता से आप क्या समझते हैं? सरकारी हस्तक्षेप के उन विभिन्न रूपों की व्याख्या करें जो बाजार की सफलता को दूर करने में सहायक होते हैं?
7.निम्नलिखित पर संक्षिप्त नोट लिखें ।
A.व्यापार से संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकार
- कुपोषण
- रोजगार की गुणवत्ता
- सार्वजनिक निजी भागीदारी







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