Description
स्नातकोत्तर (अर्थशास्त्र) उपाधि कार्यक्रम
(MAEC)
सत्रीय कार्य 2025–2026
THIRD सेमेस्टर
(जून 2026 और दिसंबर 2026 सत्र में सत्रांत परीक्षा में बैठने वाले शिक्षार्थियों के लिए)
HINDI MEDIUM
एम.ई.सी.–107 : अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार एवं विकास
(सत्रीय कार्य)
पाठ्यक्रम कोड : एमईसी–107
सत्रीय कार्य कोड : एमईसी–007/सत्रीय कार्य/2025-26
कुल अंक : 100
भाग क
1 (क)) दो देशों के बीच ‘मुक्त व्यापार’ को व्यापार न होने से बेहतर क्यों माना जाता है ? आलेख की सहायता से स्पष्ट कीजिए।
(ख) अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के रिकाडियन सिद्धांत को एक रूपरेखा के रूप में उपयोग करते हुए स्पष्ट करें कि राष्ट्रों को व्यापार में संलन होने से लाभ कैसे प्राप्त होता है ?
2 किन कारकों ने अंतर–उद्योग व्यापार के विकास को प्रेरित किया ? व्याख्या करें। यह सिद्धांत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार की हमारी समझ में कैसे योगदान देता है ?
भाग ख
3 अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रतिरूप की व्याख्या करने के लिए आप प्रौद्योगिकीय अंतराल मॉडल को किस प्रकार लागू करेंगे? समझाएँ।
4 उत्पादन के स्थान और अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार पर पर्यावरण मानकों और रसद लागत के प्रभाव की जाँच करें।
5 टैरीफ का व्यापार की मात्रा तथा व्यापार की शर्तों का (i) एक छोटे देश और (ii) एक बड़े देश पर क्या प्रभाव होगा? आलेख की सहायता से स्पष्ट करें।
6 पूँजीगत खाता परिवर्तनशीलता (CAC) चालू खाता परिवर्तनशीलता से किस प्रकार भिन्न है? किसी विकासशील देश के संदर्भ में कुछ परिस्थितियाँ बताएँ, जहाँ पूँजीगत खाता परिवर्तनशीलता का प्रतिकूल प्रभाव हो।
7 विभिन्न प्रकार के अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजारों को सूचीबद्ध करें। अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय उपकरणों तथा वित्तीय बाजारों के महत्व कि व्याख्या कीजिए।






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