Description
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम का कोड : एम. सी. ओ. -022
पाठ्यक्रम का शीर्षक : मात्रात्मक विश्लेषण और प्रबंधकीय अनुप्रयोग
सत्रीय कार्य का कोड : एम. सी. ओ. -022टी. एम. ए./2025-2026
खण्डों की संख्या : सभी खण्ड
अधिकतम अंक : 100
सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1.क) सह-संबंध (Correlation) शब्द से आप क्या समझते हैं? उत्पाद की मांग के पूर्वानुमान में सह-संबंध के अध्ययन से कैसे सहायता मिलती है, स्पष्ट कीजिए। (10+10)
ख) संचयी आवृत्ति (Ogives) क्या हैं? किसी उदाहरण की सहायता से संचयी आवृत्ति बनाने की विधि की विवेचना कीजिए।
2.(क) प्रबंधकीय अनुप्रयोगों में निर्णय पर्यावरण की चार अवस्थाओं का वर्णन कीजिए। इनमें से कौन-सी अवस्था सबसे सामान्य है? कारण सहित उदाहरण दीजिए।
(ख) मैट्रिक्स (Matrices) को परिभाषित कीजिए। कुछ विशेष प्रकार की मैट्रिक्स के उदाहरण दीजिए। एक परिवहन समस्या के आँकड़ों को मैट्रिक्स रूप में कैसे प्रस्तुत किया जा सकता है, समझाइए।
- (क) आप निर्णय सिद्धांत (Decision Theory) से क्या समझते हैं? निर्णय सिद्धांत से संबंधित प्रमुख समस्याएँ क्या हैं? प्रबंधकीय अनुप्रयोगों में निर्णय वृक्ष (Decision Tree) पद्धति को समझाइए।
(ख) दीर्घकालिक, मध्यमकालिक एवं अल्पकालिक निर्णयों के लिए पूर्वानुमान विधियों को स्पष्ट कीजिए।
- निम्नलिखित पर संक्षेप में टिप्पणी करें :
क) द्विपद वितरण (Binomial Distribution)
ख) पूर्वानुमान विधि के चयन में विचारणीय तत्व
ग) अच्छाई के योग्य का परीक्षण (Testing the Goodness of Fit)
घ) पूर्वानुमान नियंत्रण (Forecast Control) - निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
क) प्रायोगिक परीक्षण (Pilot Testing) और पूर्व-परीक्षण (Pre-testing)
ख) अशक्त परिकल्पना (Null Hypothesis) और वैकल्पिक परिकल्पना (Alternate Hypothesis)
ग) माध्य (Mean) और माध्यिका (Median)
घ) प्रायिकता प्रतिचयन (Probability Sampling) और अ-प्रायिकता प्रतिचयन (Non-Probability Sampling)






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