Description
सत्रीय कार्य : BSKE-143
संस्कृत परंपरा में दर्शन, धर्म और संस्कृति
सत्रीय कार्य – BSKE-143/TMA/2025 -2026
पूर्णांक – 100
नोट : इस सत्रीय कार्य में दिए गए सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
खण्ड–1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
निम्नलिखित में से किन्हीं तीन का उत्तर लिखें।
खण्ड–1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
निम्नलिखित में से किन्हीं तीन का उत्तर लिखें।
प्रश्न 1. भारतीय दर्शन के महत्वपूर्ण तत्वों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
प्रश्न 2. धर्म के स्वरूप का वर्णन करते हुए उनके प्रकारों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
प्रश्न 3. गीता के स्वधर्म और कर्मयोग का उदाहरण सहित वर्णन करें।
प्रश्न 4. भारतीय संस्कृति के मूल तत्व कौन–कौन से हैं? उनका विकास कैसे हुआ, स्पष्ट करें?
खण्ड–2 लघुउत्तरीय प्रश्न
निम्नलिखित में से किन्हीं दो का उत्तर लिखिए। 10 × 2 = 20
प्रश्न 5. भारतीय दर्शन की विशेषताओं पर प्रकाश डालें।
प्रश्न 6. पुरुषार्थ की अवधारणा क्या है? स्पष्ट करें।
प्रश्न 7. भारतीय संस्कारों का सामाजिक एवं वैज्ञानिक विश्लेषण कीजिए।
खण्ड–3 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 8 निम्नलिखित में से किन्हीं चार पर उत्तर लिखें। 5 × 4 = 20
क) स्वधर्म
ख) बहुसांस्कृतिक समाज
ग) पुरुषार्थ चतुष्टय
घ) त्रिविध कर्म
ङ) स्थितप्रज्ञ
च) आदर्शवाद, यथार्थवाद




Reviews
There are no reviews yet.