Description
सत्रीय कार्य
(संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : बी.एच.डी.ई–142 / BAG /BAHDH
सत्रीय कार्य कोड : बी.एच.डी.ई–142 / 2026–2027
कुल अंक : 100
नोट : सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
खंड – क
1.निम्नलिखित पद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिये : 10×4=40
क. था कौन ईश्वर के सिवा जिसको हमारा सिर झुके?
हाँ, कौन था वह स्थान था जिसमें हमारी गति रुके?
सारी धरा तो थी धरा ही, सिन्धु भी बँधवा दिया
आकाश में भी आत्म–बल से सहज ही विचरण किया।
ख. क्या गाती हो?
क्यों रह–रह जाती हो,
कोकिल बोलो तो
क्या लाती हो?
सन्देशा किसका है?
कोकिल बोलो तो!
ग. तेरे पर्वत शिखर कि नभ को भू के मौन इशारे।
तेरे वन जग उठे पवन से हरित इरादे प्यारे!
राम–कृष्ण के लीलामय में उठे बुद्ध की वाणी
काबा से कैलाश तलक उमड़ी कविता कल्याणी।
घ. जीवन–ज्योति लुप्त है– आहा!
सुप्त रे संरक्षण की घड़ियां,
लटक रही है प्रतिपल में इस
नासक अंधकार की लड़ियाँ।
चकनाचूर करो जग को, गूँजे
ब्रह्मांड नाश के स्वर से,
रुद्ध गीत की क्रुद्ध तान है
निकली मेरे अंतरतर से!
खंड – ख
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए : 10×4=40
2. भारत में राष्ट्रीय चेतना के विकास में उपनिवेशवाद विरोध संघर्ष की भूमिका को रेखांकित कीजिए।
3. मैथिलीशरण गुप्त की राष्ट्रीय भावना और सामाजिक चेतना की व्याख्या कीजिए।
4. माखनलाल चतुर्वेदी के काव्य का मूल्यांकन कीजिए।
5. सुभद्रा कुमारी चौहान की भाषा शैली पर विचार कीजिए।
खंड – ग
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए : 5×4=20
6. दिनकर के काव्य में राष्ट्रीय चेतना पर टिप्पणी कीजिए।
7. मैथिलीशरण गुप्त की भाषा शैली पर विचार कीजिए।
8. बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ के साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियों पर संक्षेप में विचार कीजिए।
9. ‘हिमालय’ शीर्षक कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।



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