Description
हिंदी साहित्य : विविध विधाएँ
सत्रीय कार्य
( संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित )
पाठ्यक्रम कोड : बी. एच. डी. सी.–132 / बी.ए.जी / बी.ए.एम.
सत्रीय कार्य कोड : बी.एच.डी.सी.–132 / टी. एम.ए / 26
कुल अंक 100
नोट : सभी प्रश्न अनिवार्य है। 10 अंक के प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में तथा 5 अंक के प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए। शेष प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों के आधार पर दीजिए।
खंड–क
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 800 शब्दों में दीजिए :
1.सगुण भक्ति काव्य की सामान्य विशेषताएँ कौन सी है ?
2.रीति काव्य के नामकरण पर प्रकाश डालिए।
3.निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए।
(क) वीरकाव्य
(ख) कबीर के राम
(ग) रविदास का जीवन कर्म
खंड–ख
4.कबीर की भाषा और काव्य सौंदर्य पर प्रकाश डालिए ।
5.भक्तिकाल में रविदास का स्थान निर्धारित कीजिए ।
6.निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए :
(क) जायसी के काल में लोकजीवन
(ख) गीतिकाव्य धारा
(ग) मीराबाई की पदावली
खंड–ग
7.जायसी की भाषा और काव्य सौंदर्य पर प्रकाश डालिए ।
8.मीरा और आंडल की भक्ति भावना का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए ।
9.निम्नलिखित पद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या लगभग 300 शब्दों में कीजिए ।
गढ़ तस बाँक जैसि तोरि काया । परखि देखु तै ओहि की छाया ।।
पाइउ नाहीं जूह हठि कीन्हें जेइँ पावा तेंइं आपुहि चीन्हें ।।
नौ पौरी तेहि गढ़ मंझिआरा ।
औ तहं फिरहिं पाँचकोटवारा दसवं दुआर गुपुत एक नाँकी अगम चढ़ाव बाट सहित बाँकी ।।
भेदी कोइ जाइ ओहि घाटी ।
जो लै भेद चढ़ होइ चाँटी।।



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