Description
भारतीय अर्थव्यवस्था-II
शिक्षक मूल्यांकित सत्रीय कार्य (टीएमए)
पाठ्यक्रम कोड: बीईसीई-146
सत्रीय कार्य कोड: एएसटी/टीएमए/2025-26
कुल अंक : 100
सत्रीय कार्य एक
निम्न वर्णनात्मक श्रेणी के प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए ।प्रत्येक प्रश्न 20 अंकों का है।
1.अर्थव्यवस्था के समग्र विकास को निर्धारित करने में कृषि क्षेत्र के महत्व पर चर्चा करें। पिछले दो दशकों में भारत के समग्र सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र के योगदान की प्रवृत्ति क्या रही है?
2.अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य से देखने पर भारत में सेवक क्षेत्र की रोजगार संरचना में विशेष रूप से ध्यान देने योग्य प्रवृत्ति क्या है भारत में सेवा क्षेत्र की उच्च वृद्धि प्रवृत्तियों के आलोक में नीति के लिए प्रमुख निहितार्थों पर चर्चा करें।
सत्रीय कार्य 2
निम्न मध्यम श्रेणी के प्रश्नों के उत्तर लगभग 250 शब्दों में दीजिए ।प्रत्येक प्रश्न 10 अंकों का है।
3.आरबीआई मात्रात्मक उपायों को कब लागू करता है? यह आरबीआई द्वारा बनाए गए गुणात्मक उपाय से किस प्रकार भिन्न है?
- निम्नलिखित में अंतर करें।
द्विपक्षीयता और बहूपक्षवाद
औपचारिक और अनौपचारिक बाजार
5.एफआरबीएम अधिनियम 2003 किस उद्देश्य से लागू किया गया था ?भारत में राज्य सरकारों के राजकोषीय घाटे के संबंध में इस अधिनियम में एक दूरगामी उपाय क्या है?
सत्रीय कार्य3
निम्न लघु श्रेणी के प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में दीजिए ।प्रत्येक प्रश्न 6 अंकों का है।
6.आई एस आई रणनीति के पीछे अंतर नहीं दर्शन क्या है ?यह किस आधार पर आधारित है?
- कृषि के व्यावसायीकारण और वस्तुकरण से क्या तात्पर्य है ?
8.क्या आप इस बात से सहमत हैं कि लघु उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देना मुद्रा स्थिति विरोधी शक्ति के रूप में कार्य करता है? कैसे ?
9.भारत में सेवा क्षेत्र के विकास के लिए विनिवेश किस प्रकार सहायक है ?
10.चालू खाता परिवर्तनीयता और पूंजी खाता परिवर्तनीयता के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।




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