Description
सत्रीय कार्य
(संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : BHDC.-133 / BAG
सत्रीय कार्य कोड : BHDC-133 / 2026–27
कुल अंक : 100
नोट : सभी प्रों के उत्तर दीजिए।
खंड — क
1. निम्नलिखित पद्यांशों की ससंदर्भ व्याख्या कीजिए : 10×4=40
क)रहै क्यों एक म्यान असि दोय।
जिन नैनन में हरि रस छायो तेहि क्यों भाखै कोय।
जा तन-मन मैं रति रहे मोहन तहाँ ग्यान का आवै।
चाहो जितनी बात प्रबोधो हाँ को जो पति आवै।
अमृत खाइ अब देखि इनारून को मूरख जो भूले।
‘हरिचंद’ ब्रज ले कटली बन काटौ तो फिरि फूलै।
ख)सखि, वे मुझसे कह कर जाते।
हुआ न यह भी भाग्य अभागा,
किस पर विफल गर्व अब जागा?
जिसने अपनाया था, त्यागा,
रहे स्मरण ही आते।
सखि, वे मुझसे कर जाते।
ग)बीती विभावरी जाग री
अम्बर पनघट में डुबो रही—
तारा–घट ऊषा नागरी।
खग–कुल कुल–कुल सा बोल रहा,
किसलय का अंचल डोल रहा,
लो यह लतिका भी भर लाई—
मधु मुकुल नवल रस गागरी।
घ)कोई न छायादार
पेड़ वह जिसके तले बैठी हुई स्वीकार,
श्याम तन, नभ बाँध यौवन,
नत नयन, प्रिय कर्मरत मन,
गुरु हाथौड़ा हाथ,
करती बार-बार प्रहार—
सामने तरु— मालिका अट्टालिका प्राकार।
खंड – ख
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए : 10×4=40
2.भारतेंदु युगीन हिंदी काव्य की विशेषताएँ बताइए।
3.मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में नारी सम्मान की भावना को रेखांकित कीजिए।
4.छायावाद की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालिए।
5.जयशंकर प्रसाद के काव्य में राष्ट्रीय चेतना को रेखांकित कीजिए।
खंड – ग
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए : 5×4=20
6.निराला के काव्य की अंतर्वस्तु पर प्रकाश डालिए।
7.महादेवी की वेदनानुभूति में प्रणय की मौलिक भावना की मार्मिक–अभिव्यक्ति है? स्पष्ट कीजिए।
8.रामनरेश त्रिपाठी के काव्य में सामाजिक चेतना पर विचार कीजिए।
9.पंत के काव्य में प्रकृति–सौंदर्य का उल्लेख कीजिए।



Reviews
There are no reviews yet.