Description
समाज कार्य एवं सामाजिक विकास
सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड : एम एस डब्ल्यू–004
2026-27
कुल अंक –100
नोट :
i) सभी पाँचों प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
ii) सभी पाँचों प्रश्नों के अंक समान हैं।
iii) प्रश्न सं. 1 और 2 के उत्तर, प्रत्येक के 600 शब्दों से अधिक नहीं होने चाहिए।
1) प्रवास के प्रमुख सिद्धांतों की चर्चा करें और भारत में समकालीन प्रवास पैटर्न की व्याख्या करने में उनकी प्रासंगिकता की जाँच करें।
अथवा
ग्रामीण-शहरी निरंतरता की अवधारणा की व्याख्या करें। भारत में शहरीकरण की प्रक्रिया को समझने में इसके महत्व पर चर्चा करें।
2) सतत विकास को परिभाषित करें और पर्यावरण और सामाजिक चिंताओं के संदर्भ में इसके प्रमुख आयामों पर आलोचनात्मक चर्चा करें।
अथवा
मानव विकास की अवधारणा पर चर्चा करें। मानव कल्याण को मापने में विकास संकेतकों के महत्व को समझाइए।
3) निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर (300 शब्दों में) दीजिए:
क) जनसंख्या और विकास के बीच संबंध की व्याख्या करें।
ख) भारत में सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने में मौलिक अधिकारों की भूमिका पर चर्चा करें।
ग) भारत में विकलांग व्यक्तियों के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जाँच करें।
घ) आधुनिक समाज में औद्योगीकरण के सामाजिक परिणामों की चर्चा कीजिए।
4) निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों का उत्तर (150 शब्दों में) दीजिए:
क) वंचित समूहों को सशक्त बनाने में कानूनी सहायता की भूमिका का वर्णन करें।
ख) घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा कीजिए।
ग) असमानता पर वैश्वीकरण के प्रभाव की चर्चा कीजिए।
घ) सामाजिक कार्य और मानवाधिकारों के बीच संबंध की व्याख्या करें।
ङ) कल्याणकारी अर्थशास्त्र के लिए क्षमताओं के दृष्टिकोण का वर्णन करें।
च) विस्थापन के धक्का और खिंचाव कारकों की व्याख्या कीजिए।
5) निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ (100 शब्दों में) लिखिए:
क) शुद्ध प्रवास
ख) मानव विकास सूचकांक (एचडीआई)
ग) जेंडर मुख्यधारा
घ) राज्य नीति के निदेशक सिद्धांत
ङ) संवैधानिक उपचारों का अधिकार
च) जनहित याचिका (पीआईएल)
छ) बाल अधिकार
ज) सामाजिक वकालत




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