Description
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम का कोड : आई. बी. ओ. -06
पाठ्यक्रम का शीर्षक : अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय वित्त
सत्रीय कार्य का कोड : आई. बी. ओ. -06/ टी. एम. ए. / 2025 – 26
खण्डों की संख्या : सभी खण्ड
For July 2025 and January 2026 admission cycle
अधिकतम अंक : 100
सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए
1.”अस्थायी विनिमय दर (Floating Exchange Rate) प्रणाली तब विफल हो जाती है जब
सरकारें विनिमय बाजारों के फैसलों को अनदेखा करती हैं और व्यापार व पूंजी प्रवाह पर प्रत्यक्ष
नियंत्रण लगाने लगती हैं।” इस कथन की पुष्टि कीजिए। (20)
2.विभिन्न मुद्रा बाजार (Money Market) उपकरणों के उद्देश्य क्या हैं? उपयुक्त उदाहरणों के माध्यम
से अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक हस्तरण प्रणाली को स्पष्ट कीजिए। (8 + 12)
- निम्नलिखित पर टिप्पणियां कीजिए :
(क) ट्रांजेक्शन एक्सपोजर से आप क्या समझते हैं? लघु अवधि और दीर्घकाल दोनों में प्रबंधन करने की विभिन्न तकनीकों का वर्णन कीजिए।
(ख) विनिमय जोखिम प्रबंधन में केंद्रीकरण/विकेंद्रीकरण को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं? भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए आप किस नीति की सिफारिश करेंगे और क्यों?
4.(क) हस्तांतरण मूल्य निर्धारण (Transfer Pricing) की तकनीक को उपयुक्त उदाहरण की सहायता से समझाइए।
(ख) समायोजित वर्तमान मूल्य (Adjusted Present Value) तकनीक अन्य वित्तीय मूल्यांकन तकनीकों से कैसे भिन्न है? यह अंतर्राष्ट्रीय परियोजना मूल्यांकन के लिए अधिक उपयुक्त क्यों मानी जाती है?
- .(क) किसी भी देश में वित्तीय बाजारों के विकास की स्थिति घरेलू कंपनियों की पूंजी संरचना के स्वरूप को कैसे प्रभावित करती है”? उपयुक्त उदाहरणों सहित समझाइए।
(ख) निधियों की स्थिति निर्धारण एवं पृथक्करण (Positioning and Unbundling of funds) से आप क्या समझते हैं? निधियों की स्थिति निर्धारण पर कौन – कौन से प्रतिबंध होते हैं? किसी देश से अवरुद्ध (ब्लॉक्ड) निधियों को कैसे बाहर निकाला जा सकता है?





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