Description
MSK–12 : धर्मशास्त्र एवं पुराणइतिहास
2025–2026
पाठ्यक्रम कोड – MSK–12
पाठ्यक्रम शीर्षक – : धर्मशास्त्र एवं पुराणइतिहास
सत्रीय कार्य – MSK–12/TMA/2025–2026
पूर्णांक – 100
नोट : यह सत्रीय कार्य 02 खण्डों में विभक्त है। सभी खण्ड अनिवार्य हैं। 15 अंक प्रश्नों का विस्तृत उत्तर दीजिए। 10 अंक के प्रश्नों का लगभग आठ सौ शब्दों में उत्तर देना है।
खण्ड – 1
- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए:
4×15=60
1.धर्म शब्द की उत्पत्ति और व्युत्पत्ति का वर्णन करते हुए धर्म के स्वरूप का विस्तृत वर्णन करें।
2.धर्मसूत्रों की परंपरा पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालें।
3.धर्मशास्त्रीय ग्रंथों में प्रतिपादित सामाजिक संस्थाओं पर प्रकाश डालें।
4.अष्टादश पुराणों के प्रतिपाद्य और विषयवस्तु को स्पष्ट करें।
5.रामायणकालीन संस्कृति का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
6.महाभारत का परिचय देते हुए उसके आख्यानों का विस्तृत वर्णन करें।
खण्ड – 2
- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए:
7.पुराणों का ऐतिहासिक महत्व स्पष्ट करें।
8.याज्ञवल्क्य स्मृति के व्यवहाराध्याय की विषयवस्तु को स्पष्ट करें।
9.कौटिल्य अर्थशास्त्र की विषयवस्तु की विवेचना कीजिए।
10.रामायण की ऐतिहासिकता को स्पष्ट करें।
11.महाभारत की उपजीव्यता पर प्रकाश डालें।
12.पुराणिक सृष्टि विज्ञान पर प्रकाश डालें।








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