Description
MJY-001 भारतीय ज्योतिष का परिचय एवं ऐतिहासिकता
(सत्रीय कार्य)
पाठ्यक्रम कोड : MJY-001
सत्रीय कार्य कोड : MJY-001 / 2024–25
कुल अंक : 100
नोट : यह सत्रीय कार्य 02 खण्डों में विभक्त है। सभी खण्ड अनिवार्य हैं। 15 अंक के प्रश्नों का विस्तृत उत्तर दीजिए। 10 अंक के प्रश्नों का लगभग आठ सौ शब्दों में उत्तर देना है।
खण्ड – 1
निर्देश– निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए :
1.वेदांग क्या है? पठित अंश के आधार पर किन्हीं दो वेदांगों की विषयवस्तु विस्तार से लिखिए।
2.ज्योतिष शास्त्र के उद्भव और विकास का विस्तार से उल्लेख कीजिए।
3.ज्योतिष शास्त्र के प्रमुख ग्रन्थों की विषय वस्तु का वर्णन कीजिए।
4.सिद्ध कीजिए कि ज्योतिष शास्त्र वेदांग है।
5.संस्कृत भाषा के उद्भव तथा विकास का वर्णन कीजिए।
6.ज्योतिष शास्त्र के प्रमुख स्कन्धों का वर्णन कीजिए।
7.शिक्षा के क्षेत्र में ज्योतिष की क्या उपयोगिता है? विस्तार से उल्लेख कीजिए।
खण्ड–2
4X10=40
निर्देश: अधोलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1.उपनिषद शब्द से क्या तात्पर्य है? उल्लेख कीजिए।
2.होरा स्कन्ध की समाज में क्या उपयोगिता है? उल्लेख कीजिए।
3.सिद्धान्त स्कन्ध का परिचय लिखिए।
4.फलित स्कन्ध के बारे में आप क्या जानते हैं? फलित का ज्योतिष शास्त्र से सम्बन्ध बताइए।
5.सृष्टि की उत्पत्ति के विभिन्न भारतीय सिद्धान्तों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
6.वैदिक साहित्य का वर्णन कीजिए।
7.आयुर्वेद और कामशास्त्र का परिचय लिखिए।
8.सिद्धान्तशिरोमणि और ब्रह्मस्फुटसिद्धान्त का परिचय लिखिए।







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