Description
एम.ए.आई.-05: भारतीय अर्थव्यवस्था का इतिहास
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड : एम.ए.आई.-05
सत्रीय कार्य कोड : एम.ए.आई.-05/ए.एस.टी./टी.एम.ए./2025-26
पूर्णांक : 100
नोट: किसी पाँच प्रश्नों के उत्तर लिखें। सत्रीय कार्य दो भागों में क एवं ख में विभाजित है। आपको प्रत्येक भाग से कम से कम दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में लिखने हैं। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।
भाग–क
1.भारत में औपनिवेशिक काल के दौरान अर्थव्यवस्था का अध्ययन करने के प्रमुख प्रवृत्तियों पर चर्चा कीजिए।
2.भारतीय अर्थव्यवस्था में वर्षा के पैटर्न का मानचित्र बनाएं। वर्षा का पैटर्न किस तरह से कृषि उत्पादन को प्रभावित करता है?
3.मौर्यों के अधीन कृषि कराधान की प्रकृति का विश्लेषण कीजिए।
4.दक्षिण भारत में कृषि के विस्तार में अग्रहारा और ब्रह्मदेय के महत्त्व का विश्लेषण कीजिए।
5.निम्नलिखित में से किसी दो पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए:
( i ) व्यापार और सामंतवाद बहस
( ii ) प्रारंभिक भारत में शिल्प उत्पादन का संगठन
(iii) प्रारंभिक भारत में लंबी दूरी का समुद्री व्यापार
(iv) सातवाहन साम्राज्य की अर्थव्यवस्था
भाग-ख
6.भारत में मध्यकाल के दौरान ऋण की भूमिका और उसके प्रभाव का परीक्षण कीजिए।
7.मध्यकालीन काल के दौरान व्यापारिक प्रथाओं और किसान प्रतिरोध के रोजमर्रा के रूपों पर चर्चा कीजिए।
8.भारतीय उपमहाद्वीप की जनजातीय अर्थव्यवस्थाओं पर औपनिवेशिक हस्तक्षेप के प्रभाव का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।
9.औपनिवेशिक काल के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के विऔद्योगीकरण पर एक नोट लिखिए।
10.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिएः
(i) बनिया और सर्राफ
(ii) आधुनिक व्यवसायीकरण के स्थानीय पैटर्न
(iii) नए प्रकार के भूमि अधिकार
(iv) चेट्टियार और मारवाड़ी







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