Description
MBG- 007 क्षेत्र – क्षेत्रज्ञ योग
जमा करने की अंतिम तिथि :
जुलाई 2025 सत्र के लिए : 30 अप्रैल, 2026
जनवरी 2026 सत्र के लिए : 31 अक्टूबर, 2026
(सत्रीय कार्य)
पाठ्यक्रम कोड : MBG-007
सत्रीय कार्य कोड : MBG-007 / 2025–26
कुल अंक : 100
नोट : यह सत्रीय कार्य 02 खण्डों में विभक्त है। सभी खण्ड अनिवार्य हैं। 15 अंक के प्रश्नों का विस्तृत उत्तर दीजिए। 10 अंक के प्रश्नों का लगभग आठ सौ शब्दों में उत्तर देना है।
खण्ड–1
निर्देश– निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए :
15×4=60
1.प्रस्थानत्रयी पर निबन्ध लिखिए।
2.अद्वैत दर्शन पर लेख लिखिए।
3.मानवीय मूल्यों की अवधारणा को विस्तार से स्पष्ट कीजिए।
4.गीता के नैतिक दर्शन पर निबन्ध लिखिए।
5.भारतीय ज्ञान परम्परा के स्वरूप पर निबन्ध लिखिए।
6.सनातन की परिभाषा देते हुए इसके स्वरूप की व्याख्या कीजिए।
खण्ड–2
निर्देश: अधोलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1.मन के अवयवों पर टिप्पणी लिखिए।
2.प्रकृति के स्वरूप पर प्रकाश डालिए।
3.पंचमहाभूत के स्वरूप पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
4.ब्रह्मसूत्र का संक्षिप्त परिचय लिखिए।
5.गीता में मानवमूल्यों पर टिप्पणी लिखिए।
6.पुरुषोत्तम की अवधारणा पर संक्षिप्त लेख लिखिए।







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