Description
MBG- 006 विश्वरूप दर्शन एवम् उपासना
जमा करने की अंतिम तिथि :
जुलाई 2025 सत्र के लिए : 30 अप्रैल, 2026
जनवरी 2026 सत्र के लिए : 31 अक्टूबर, 2026
(सत्रीय कार्य)
पाठ्यक्रम कोड : MBG-006
सत्रीय कार्य कोड : MBG-006 / 2025–26
कुल अंक : 100
नोट : यह सत्रीय कार्य 02 खण्डों में विभक्त है। सभी खण्ड अनिवार्य हैं। 15 अंक के प्रश्नों का विस्तृत उत्तर दीजिए। 10 अंक के प्रश्नों का लगभग आठ सौ शब्दों में उत्तर देना है।
खण्ड–1
निर्देश– निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए :
15×4=60
1.विराट की वैदिक अवधारणा पर लेख लिखिए।
2.गीता के अनुसार अनन्य भक्ति पर निबन्ध लिखिए।
3.गीता के अनुसार सामूहिक एवं व्यक्तिगत उत्तरदायित्व की व्याख्या कीजिए।
4.दान के स्वरूप एवं महत्व पर निबन्ध लिखिए।
5.गीता के अनुसार उपासकों के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
6.गीता में वर्णित शिक्षा – प्रक्रिया पर लेख लिखिए।
खण्ड–2
निर्देश: अधोलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1.गीता में विराट के स्वरूप का वर्णन कीजिए।
2.सगुण ब्रह्म के महत्व पर टिप्पणी लिखिए।
3.गीता के अनुसार आर्थिक उत्तरदायित्व पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
4.गीता के अनुसार राजनीतिक उत्तरदायित्व पर टिप्पणी लिखिए।
5.अक्षरब्रह्म की उपासना पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
6.संचार की अवधारणा पर टिप्पणी लिखिए।






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