Description
MBG-003 कर्मसन्न्यास–आत्मसयंम एवं ज्ञानविज्ञान
(सत्रीय कार्य)
पाठ्यक्रम कोड : MBG-003
सत्रीय कार्य कोड : MBG-003 / 2025–26
कुल अंक : 100
नोट : यह सत्रीय कार्य 02 खण्डों में विभक्त है। सभी खण्ड अनिवार्य हैं। 15 अंक के प्रश्नों का विस्तृत उत्तर दीजिए। 10 अंक के प्रश्नों का लगभग आठ सौ शब्दों में उत्तर देना है।
खण्ड–1
निर्देश – निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए :
15×4 = 60
1.गीता के अनुसार ज्ञानयोग पर प्रकाश डालिये।
2.योग की परम्परा पर विस्तृत लेख लिखिए।
3.गीता के अनुसार कर्मसन्न्यास के भाव को स्पष्ट कीजिए।
4.गीता के अनुसार ध्यानयोग पर प्रकाश डालिये।
5.गीता में कर्मसन्न्यास के अभिप्राय पर विस्तार से लेख लिखिए।
6.गीता में एकात्ममानववाद पर विस्तार से निबन्ध लिखिए।
खण्ड–2
निर्देश: अधोलिखित प्रश्नों में से किसी चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
10×4 = 40
1.मानसिक स्वास्थ्य पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
2.गीता के अनुसार जीवन में अनुशासन पर संक्षेप में टिप्पणी लिखिए।
3.गीता के अनुसार मन को संयमित करने के उपायों पर प्रकाश डालिये।
4.गीता में दिव्यप्रेम के स्वरूप को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।
5.गीता के अनुसार लोकव्यवहार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
6.गीता में राजयोग को स्पष्ट कीजिए।






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