Description
बीएचआईएस 183 : भारत में शिल्प बोध और परम्पराएँ
अध्यापक जाँच सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड: BHIS-183
सत्रीय कार्य कोड : बीएचआईएस-183/एसएसटी/टीएमए/2025-26
अधिकतम अंक: 100
नोट: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
सत्रीय कार्य – I
निम्नलिखित वर्णनात्मक श्रेणी के प्रत्येक प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 20 अंक नियत है।
2×20=40
1.इतिहास में महत्वपूर्ण शिल्प श्रेणियों और उनके प्रकारों पर चर्चा कीजिए।
2.उपनिवेशवाद ने भारतीय शिल्पकला को किस प्रकार प्रभावित किया? व्याख्या कीजिए।
सत्रीय कार्य – II
निम्नलिखित मध्य श्रेणी के प्रत्येक प्रश्नों के उत्तर लगभग 250 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 10 अंक नियत है।
3×10=30
3.शिल्प में उत्पादन–उपभोग विभाजन पर एक टिप्पणी लिखिए।
4.प्रथम में बारहवीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत हस्तशिल्प के प्रति सरकार की नीतियाँ क्या थीं? वर्णन कीजिए।
5.स्वराज का अर्थ समझाते हुए महात्मा गांधी के बुनियादी शिक्षा के विचार में शिल्प के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
सत्रीय कार्य – III
निम्नलिखित संक्षिप्त श्रेणी के प्रत्येक प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 6 अंक नियत है।
5×6=30
6.शिल्प में अभ्यास के समुदाय
7.शिल्प में विकासवादी नवाचार
8.जयपुर की ब्लू पॉटरी
9.जजमानी प्रणाली
10.शिल्प नवाचार: ग्राम ज्ञानपीठ





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