Description
हिंदी उपन्यास
(BHDC–109)
सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड : बी.ए.डी.सी–109
सत्रीय कार्य कोड : बी.ए.डी.सी–109 / टीएमएफ / 2025–2026
कुल अंक 100
नोट : सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भाग–क
1.निम्नलिखित गद्यांशों की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए।
(क) एक पूरा मकान बर्तन से भरा हुआ है। चाय के सेट हैं, नाश्ते की तश्तरियाँ थाल, लोटे, गिलास। जो लोग नित्य खाट पर पड़े हुक्का पीते रहते थे, बड़ी तत्परता से काम में लगे हुए हैं। अपनी उपयोगिता सिद्ध करने का ऐसा अच्छा अवसर उन्हें फिर बहुत दिनों के बाद मिलेगा। जहाँ एक आदमी को जाना होता है, पाँच दौड़ते हैं। काम कम होता है, हुल्लड़ अधिक। जरा–जरा–सी बात पर घण्टों तर्क–वितर्क होता है और अन्त में वकील साहब को आकर निर्णय करना पड़ता है।
ख) मैं आठवीं क्लास में पढ़ता था। तब मैं क्या समझना हूंगा ,क्या नहीं समझता हूंगा ।फिर भी वह बातें मुझे बिल्कुल अच्छी नहीं मालूम हो रही थी। जी मैं कुछ बेमतलब गुस्सा चढ़ता आता था। जी होता था कि वही के वही कोई दुस्सह अविनय कर डालूं। ऐसे भाव की कोई वजह न थी, पर बाबूजी की कुछ दबी हुई स्थिति की झलक उनके चेहरे पर देखकर बड़ी खीझ मालूम हो रही थी, पर जाने मुझे क्या चीज रोक रही थी कि मैं सिर्फ फट नहीं पड़ा।
ग) तुलसी ने सीढ़ियां पर की, ड्योढ़ी , बगीचा और फाटक पार किया, बाहर निकल आए। सड़क पर कुछ दूर जाकर उन्होंने एक बार और उसे घर पर दृष्टि डाली। लगा कि जैसे जीव का अपने एक जन्म के साथ छूट रहा हो। मन अब भी सब कुछ वही चाहता है, किंतु ज्ञान यथार्थ बोध कराता है। जो मनुष्य बनाकर जन्मता है उसके मन को यह हक है कि वह असंभव से असंभव वस्तु की चाहना भी कर ले, पर उसे पाने की शक्ति और औचित्य के बिना क्या वह हक यथार्थ है? अपनी परिस्थितियों पर विचार न करने वाला व्यक्ति मूर्ख होता है।
घ) बंटी अपने घर में घूम रहा है ,पर अपने घर जैसा कुछ भी तो नहीं लग रहा उसे। सर्दी के दिनों में सांझ से ही तो चारों ओर अंधेरा घुसने लगता है। और जैसे-जैसे अंधेरा घूमता जा रहा है ,सब कुछ और ज्यादा ज्यादा अपरिचित होता जा रहा है। यहां तो आसमान भी पहचान हुआ नहीं लगता, हवा भी पहचानी हुई नहीं लगती। अपने घर का आसमान और अपने घर की हवा कहीं ऐसी होती है?
भाग ख
2.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 750 से 800 शब्दों में दीजिए।
- हिंदी उपन्यास के विकास पर प्रकाश डालिए।
- निर्मला उपन्यास के आधार पर निर्मला की चारित्रिक विशेषताएं बताइए।
3.’ मृगनयनी’के परिवेश के विविध पक्षों पर विचार कीजिए ।
3.निम्नलिखित पर लगभग 250 शब्दों में टिप्पणी लिखिए ।
1.प्रेमचंद युगीन हिंदी उपन्यास
2.’आपका बंटी’ के सहायक चरित्र
- ‘मानस का हंस’ की भाषा और शैली
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