Description
पाठ्यक्रम का शीर्षक: जल संचयन, संरक्षण और उपयोग
पाठ्यक्रम कोड: ओएनआर-003
अधिकतम अंक: 100
नोट: सभी प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।
प्रश्न
1. भारतीय कृषि के लिए जल संचयन के महत्व को स्पष्ट कीजिए तथा सतत जल प्रबंधन और कृषि उत्पादकता में इसके योगदान का मूल्यांकन कीजिए।
2. जल संचयन में स्वदेशी पारंपरिक ज्ञान (ITK) की भूमिका का वर्णन कीजिए तथा राजस्थान में प्रचलित दो पारंपरिक जल संचयन पद्धतियों को समझाइए।
3. विभिन्न सिंचाई विधियों की तुलना कीजिए तथा जल की कमी वाले क्षेत्रों में कृषि के लिए ड्रिप सिंचाई को अधिक उपयुक्त मानने के कारणों का मूल्यांकन कीजिए।
4. कृत्रिम भूजल पुनर्भरण को समझाइए। सतत भूजल संसाधन प्रबंधन के लिए इसके प्रमुख लाभ एवं हानियों को लिखिए।
5. रिसाव (Seepage) को परिभाषित कीजिए। इसके कारणों का वर्णन करते हुए मूल्यांकन कीजिए कि विभिन्न अस्तरीकरण (Lining) सामग्रियाँ सिंचाई प्रणालियों में रिसाव से होने वाली जल हानि को नियंत्रित करने में किस प्रकार सहायक हैं।



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