Description
सत्रीय कार्य : 2026 – 2027
आयुर्वेद के मूल आधार
पाठ्यक्रम कोड : BSKE-141
स्नातक कला उपाधि ऑनर्स कार्यक्रम (संस्कृत)/ स्नातक कला उपाधि कार्यक्रम (संस्कृत)/ अनुपृुक्त संस्कृत में स्नातक कार्यक्रम
(BASKH/BAG(Sanskrit)/BAASK)
पाठ्यक्रम कोड – BSKE-141
पाठ्यक्रम शीर्षक – आयुर्वेद के मूल आधार
सत्रीय कार्य – BSKE-141/TMA/2026-2027
पूर्णांक – 100
नोट – सभी प्रश्न अनिवार्य हैं : –
(क) अधोलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार (04) प्रश्नों के उत्तर लिखिए
1.आयुर्वेद के उद्भव और प्रसार पर लेख लिखिए ।
2.स्वस्थ रात्री चर्था के लिए क्या आहार – विहार है स्पष्ट कीजिए ।
3.ग्रीष्म ऋतु के अनुसार पथ्य और अपथ्य लिखिए ।
4.उपनिषदों में प्रतिपादित विषयों का वर्णन कीजिए
जीवन में आयुर्वेद के अनुसार आचरण करने के लाभों पर प्रकाश डालिए।
(ख) लघु उत्तरीय प्रश्न: —
5.आयुर्वेद में स्वास्थ्य के मूलभूत सिद्धांत लिखिए।
6.स्वस्थ दिनचर्या के लिए क्या आहार – व्यवहार है स्पष्ट कीजिए।
7.कटोपनिषद् पर टिप्पणी लिखिए।
8.शरद ऋतु के अनुसार पथ्य और अपथ्य का वर्णन कीजिए।
9.वात, पित्त और कफ की प्रकृति का वर्णन कीजिए।
(ग) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :
ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए –
अन्नं न निन्द्यात्, तद्वत्। प्राणौ वा अन्नम्। शरीरमन्नादम्। प्राणे शरीर प्रतिष्ठानम्। शरीरः प्राणः प्रतिष्ठितः। तदेव तन्नमने प्रतिष्ठितम्। स य एतदन्नमने प्रतिष्ठितं वेद प्रतिष्ठितः। अन्नवान्नान्दो भवति। महान् भवति प्रजया पशुभिर्मृगैर्वर्चसेन। महान् कीर्त्या।
अथवा
भूमग्वे वारुणि:वरुणं पितरमुपसार अधीहि भगवो ब्रह्महि। तस्मा एतत्त्वोवाच अम्नं प्राणं चक्षु: क्षेत्रं मनो वाचमीति। तं होचव। यतो वा इमानि भूतानि जायन्ते येन जातानि जीवित। यज्ञस्यन्तमसंविष्टिन्त। तद्विज्ञासस्व। तद् ब्रह्महि। स तपोऽज्यत। स तपस्तप्य।





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