Description
एम.एच.डी.-22 : कबीर का विशेष अध्ययन
सत्रीय कार्य
(सभी खंडों पर आधारित)
पाठ्यक्रम कोड : एम.एच.डी.–22
सत्रीय कार्य कोड : एम.एच.डी–22 / टी.एम.ए / 2025–2026
कुल अंक : 100
1.निम्नलिखित काव्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए :
(क) कबीर हरदी पीयरी, चुना उज्जल भाए ।
राम सनेही यूँ मिले, दुहुँ बरन गंवाए ॥
(ख) हरि ठग जग को ठगौरी लाई,
हरि कै वियोग कैसे जीऊँ मेरी माई ॥
कौन पुरिष को काकी नारी, अभिअंतरी तुम्ह लेहु बिचारी ॥
कौन पूत को काको बाप, कौन मरैं कौन करै संताप ॥
कहे कबीर ठग सौं मन माना, गई ठगोरी ठग पहिचाना ॥
(ग) कबीर लहरि समंद की, मोती बिखरे आइ।
बगुला मँझ न जांणइ, हंस चुणै चुगि खाइ॥
2.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए :
(i) कबीर युगीन राजनीतिक पृष्ठभूमि का परिचय दीजिए।
(ii) कबीर के काव्य में निहित दर्शन का विश्लेषण कीजिए।
(iii) हिन्दी साहित्य के इतिहास ग्रंथों में कबीर के काव्य संबंधी विविध विद्वानों के विचारों का मूल्यांकन कीजिए।
- निम्नलिखित विषयों में से प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में टिप्पणी लिखिए :
(i) कबीर पर गोरखनाथ का प्रभाव
(ii) अनहद नाद, बीज और बिंदु
(iii) कबीर की उलटबांसियां
(iv) अवतारवाद
(v) पंचमकार






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