Description
शिक्षक जाँच सत्रीय कार्य
विलयन, प्रावस्था साम्य, चालकत्व,
वैद्युत–रसायन और अभिलाक्षकीय
समूह कार्बनिक रसायन–II
रसायन विज्ञान का मूल पाठ्यक्रम
पाठ्यक्रम कोड : BCHCT-135
सत्रीय कार्य कोड : BCHCT-135/TMA/2026
अधिकतम अंक : 100
नोट : सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रश्नों के समान दाईं ओर कोष्टक में दिए गए हैं।
भाग-(क) (50)
- निम्नलिखित पदों को परिभाषित कीजिए : (5)
(i) मोलरता (M)
(ii) मोललता (m)
(iii) नॉर्मलता (N)
(iv) मोल अंश (x)
(v) भाग प्रति दस लाख
इनके मात्रक भी दीजिए।
- (क) राउल्ट नियम लिखिए। इसका गणितीय रूप भी दीजिए। (3)
(ख) विलायक निष्कर्षण के कोई दो अनुप्रयोग लिखिए। (2)
3.(क) फीनॉल–जल तंत्र के लिए परस्पर विलेयता वक्र अंकित कीजिए और उसकी व्याख्या कीजिए। (3)
(ख) सी.एस.टी. मानों पर अशुद्धियों के प्रभाव की चर्चा कीजिए। (2)
4.(क) निम्नलिखित पदों को परिभाषित कीजिए : (3)
(i) प्रावस्था
(ii) घटक
(iii) स्वतंत्रता की कोटियाँ
(ख) क्लापेयरोन–क्लॉसियस समीकरण का समाकलित रूप लिखिए। क्लॉसियस द्वारा प्रस्तुत दो अनुमान कौन–से थे? (2)
5.जल का प्रावस्था आरेख बनाइए और उसके महत्वपूर्ण लक्षणों को बताते हुए उसकी व्याख्या कीजिए। (5)
6.(क) चालकता की परिभाषा दीजिए और उसके मात्रक बताइए। (2)
(ख) एसीटिक अम्ल के 0.1 M मोलर जलीय विलयन की चालकता 5.3 × 10⁻⁴ S cm⁻¹ पाई गई। दी गई सांद्रता पर एसीटिक अम्ल विलयन की मोलर चालकता परिकलित कीजिए। (3)
7.(क) आयनिक गतिशीलता की व्याख्या कीजिए और उसके मात्रक दीजिए। इसको प्रभावित करने वाले कारकों की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए। (2)
(ख) चालकता मापन के अनुप्रयोगों की सूची बनाइए। (3)
8.(क) डेनियल सेल का व्यवस्थित चित्र बनाइए और इलेक्ट्रोडों पर होने वाली अभिक्रियाएं लिखिए। (3)
(ख) लवण सेतु के क्या कार्य होते हैं? (2)
9.बिना अभिगमन वाले सांतदा सेल का एक उदाहरण दीजिए। (2)
(ख) विकरनइलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रोड क्या होता है? इसके लाभ और हानियां बताइए। (2)
10.(क) विद्युत–अपघटन के किन्हीं दो अनुप्रयोगों की चर्चा कीजिए। (3)
(ख) विद्युत–अपघटन प्रक्रिया की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए। (2)
11.फिशर एस्टरीकरण अभिक्रिया की क्रियाविधि की व्याख्या कीजिए।
12.(क) विभिन्न कार्बोक्सिलिक अम्ल व्युत्पन्नों को उनकी नामिकरण–सही प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के प्रति अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए और अपने उत्तर के लिए कारण बताइए।
(ख) रोजेनमंड अभिक्रिया क्या होती है? इस अभिक्रिया का एक उपयुक्त उदाहरण दीजिए।
13.(क) निम्नलिखित क्रियाओं की व्याख्या कीजिए :
(i) कर्टियस पुनर्विन्यास
(ii) श्मिट पुनर्विन्यास
(ख) क्षारीय माध्यम की विभिन्न परिस्थितियों में नाइट्रोबेंजीन के अपचयन से प्राप्त विभिन्न उत्पाद लिखिए।
14.(क) डायएजोटीकरण अभिक्रिया क्या होती है? निम्नलिखित की डायएजोटीकरण अभिक्रिया से प्राप्त उत्पाद लिखिए :
(i) ऐनिलीन (i) बेंजीनैमीन
(ख) अपचारी अमोनीकरण क्या होता है? 2,4,6-ट्राइब्रोमोऐनिलीन से प्राप्त डायएजोनियम लवण के अपचारी अमोनीकरण से प्राप्त उत्पाद दीजिए।
- प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक एमीनो की नाइट्रोसेशन अभिक्रियाओं से प्राप्त उत्पादों की व्याख्या कीजिए।
- (क) आप गैब्रियल थैलिमाइड संश्लेषण द्वारा वैलिन को किस प्रकार प्राप्त करेंगे? व्याख्या कीजिए।
(ख) आप निनहाइड्रिन के उपयोग द्वारा किसी 2–एमीनों अम्ल की पहचान किस प्रकार करेंगे? - उचित अभिक्रियाएं देते हुए पेप्टाइडों के N–सिरे की पहचान के लिए एडमैन निम्नीकरण की चर्चा कीजिए।
- पेप्टाइडों और प्रोटीनों के प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक और चतुष्क संरचनाओं का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
- (क) D-ग्लूकोस का फिशर प्रक्षेप लिखिए। α–D-ग्लूकोस और β–D-ग्लूकोपायरानोस के हॉवर्थ प्रक्षेप भी लिखिए।
(ख) ग्लूकोस का उदाहरण लेते हुए परिवर्ती ध्रुवण घूर्णन की व्याख्या कीजिए। - (क) β–लैक्टोज़ और सूक्रोज़ के लिए उचित नामांकन करते हुए संरचनाएं लिखिए।
(ख) एमिलोस और एमिलोपेक्टिन में अंतर कीजिए।





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