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सत्रीय कार्य : BSKG – 172 भारतीय दर्शन के मूल सिद्धान्त
पाठ्यक्रम कोड : BSKG – 172
पाठ्यक्रम शीर्षक : भारतीय दर्शन के मूल सिद्धान्त
सत्रीय कार्य : BSKG – 172/TMA/2025-26
पूर्णांक : 100
नोट – सभी प्रश्न अनिवार्य हैं : –
(क) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :- 20X2=40
निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए :-
1.चार्वाक दर्शन केवल प्रत्यक्ष को ही प्रमाण के रूप में क्यों स्वीकार करता है? इस प्रकार प्रकाश डालिए।
2.वैशेषिक दर्शन के अनुसार पदार्थ एवं उसके लक्षण को बताते हुए सप्तपदार्थवाद के क्रमिक विकास को समझाइए।
3.ज्ञान मीमांसा के अन्तर्गत षड् प्रमाणों का विस्तृत विवेचन कीजिए।
(ख) लघु उत्तरीय प्रश्न :-
- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए :- 10X3=30
1.बौद्ध दर्शन के अष्टांगिक मार्ग का वर्णन कीजिए।
2.सांख्यकारिका में प्रतिपादित प्रकृति के स्वरूप का वर्णन करते हुए उसकी सत्ता को सिद्ध कीजिए।
3.वेदान्त दर्शन के सम्प्रदायों का वर्णन कीजिए।
4.अद्वैत वेदान्त के अनुसार जीव के स्वरूप पर प्रकाश डालिए।
(ग) टिप्पणियाँ :–
III. निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर टिप्पणी लिखिए :–
(i) गुण
(ii) अनात्मवाद
(iii) सप्तभंगी नय
(iv) यम
(v) अयुतसिद्ध
(vi) साधनचतुष्टय
(vii) परिणामवाद




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